MyMandirInstall

कितना गहरा सत्य कहा है 🙏 *इसका सार यही है -* गीता में भगवान कृष्ण ने भी यही कहा है - *"मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः"* मन ही बंधन का कारण है, और मन ही मुक्ति का। जैसे जल ठहर जाए, सड़ जाए तो कीचड़ बन जाता है, और वही जल जब बहने लगे, बरसने लगे तो सारे कीचड़ को धो देता है। वैसे ही हमारा मन है। जब मन में ईर्ष्या, क्रोध, लालच, निंदा का जल ठहर जाता है - तो जीवन में कीचड़ बन जाता है। और जब उसी मन में प्रेम, भक्ति, क्षमा, सत्संग का निर्मल जल बहने लगता है - तो वही मन गंगा जैसा पवित्र हो जाता है। इसलिए किसी और को साफ करने से पहले, रोज सुबह अपने ही मन को थोड़े अच्छे विचारों के जल से धो लिया करो आज का सबसे सुंदर सुविचार है। जय श्री राम

Post media

Comments (4)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Sep 1, 2026

जय श्री कृष्णा जी 🙏

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Sep 1, 2026

जय श्री कृष्णा जी

SP

SP

Sep 1, 2026

जय श्रीकृष्ण। 🙏🏻🚩

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Sep 1, 2026

जय श्री कृष्ण 🙏