
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
4 days ago
कितना गहरा सत्य कहा है 🙏 *इसका सार यही है -* गीता में भगवान कृष्ण ने भी यही कहा है - *"मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः"* मन ही बंधन का कारण है, और मन ही मुक्ति का। जैसे जल ठहर जाए, सड़ जाए तो कीचड़ बन जाता है, और वही जल जब बहने लगे, बरसने लगे तो सारे कीचड़ को धो देता है। वैसे ही हमारा मन है। जब मन में ईर्ष्या, क्रोध, लालच, निंदा का जल ठहर जाता है - तो जीवन में कीचड़ बन जाता है। और जब उसी मन में प्रेम, भक्ति, क्षमा, सत्संग का निर्मल जल बहने लगता है - तो वही मन गंगा जैसा पवित्र हो जाता है। इसलिए किसी और को साफ करने से पहले, रोज सुबह अपने ही मन को थोड़े अच्छे विचारों के जल से धो लिया करो आज का सबसे सुंदर सुविचार है। जय श्री राम

Comments (4)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 1, 2026
जय श्री कृष्णा जी 🙏

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 1, 2026
जय श्री कृष्णा जी

SP
Sep 1, 2026
जय श्रीकृष्ण। 🙏🏻🚩

R k jangid phulera Jaipur
Sep 1, 2026
जय श्री कृष्ण 🙏
