
SHREE SHARMA
238 days ago
यह ऋग्वेदीय सूर्य-सूक्त (1.115) का मूल संस्कृत पाठ है। वैदिक परंपरा में सूर्य-शांति और स्वास्थ्य-प्राप्ति के लिए इसी सूक्त का सर्वाधिक महत्व है। विनियोग: ॐ अस्य श्रीसूर्यसूक्तस्य कुत्स आङ्गिरस ऋषिः, त्रिष्टुप् छन्दः, सूर्यो देवता, मम सकल-रोग-दोष-निवारणार्थं श्रीसूर्यनारायण-प्रीत्यर्थे जपे विनियोगः॥ ॥ अथ ऋग्वेदीय सूर्य-सूक्तम् (१.११५) ॥ १. सूर्योदय और परमात्मा का स्वरूप चित्रं देवानामुदगादनीकं चक्षुर्मित्रस्य वरुणस्याग्नेः । आप्रा द्यावापृथिवी अन्तरिक्षं सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्च ॥१॥ २. सूर्य और उषा का संबंध सूर्यो देवीमुषसं रोचमानां मर्यो न योषामभ्येति पश्चात् । यत्रा नरो देवयन्तो युगानि वितन्वते प्रति भद्राय भद्रम् ॥२॥ ३. सूर्य के अश्वों (किरणों) का वर्णन भद्रा अश्वा हरितः सूर्यस्य चित्रा एतग्वा अनुमाद्यासः । नमस्यन्तो दिव आ पृष्ठमस्थुः परि द्यावापृथिवी यन्ति सद्यः ॥३॥ ४. सूर्य की दिव्यता और अस्त तत्सूर्यस्य देवत्वं तन्महित्वं मध्या कर्तोर्विततं सं जभार । यदेदयुक्त हरितः सधस्थादाद्रात्री वासस्तनुते सिमस्मै ॥४॥ ५. मित्र-वरुण के लिए सूर्य का उदय तन्मित्रस्य वरुणस्याभिचक्षे सूर्यो रूपं कृणुते द्योरुपस्थे । अनन्तमन्यद्रुशदस्य पाजः कृष्णमन्यद्धरितः सं भरन्ति ॥५॥ ६. पाप और रोग से मुक्ति की प्रार्थना अद्या देवा उदिता सूर्यस्य निरंहसः पिपृता निरवद्यात् । तन्नो मित्रो वरुणो मामहन्तामदितिः सिन्धुः पृथिवी उत द्यौः ॥६॥ शांति पाठ: ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ (टिप्पणी: यदि आप इसका अनुष्ठान कर रहे हैं, तो प्रत्येक मंत्र के अंत में 'स्वाहा' लगाकर हवन भी किया जा सकता है, अथवा केवल जल हाथ में लेकर पाठ किया जा सकता है।)

Comments (4)

Radhe Radhe
Jan 4, 2026
‼️ शुभ रविवार,शुभ रात्रि वंदन जी‼️

Rama Devi Sahu
Jan 4, 2026
🙏🌞 Om Bhaskarayha Vidmahe Dibakarayh Dhimahi Tanno Surya Prachodayat ‼️🙏 Subha Sandhya Vandan Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Jan 4, 2026
🙏🌞 Om Surya Devay Namah 🌞🙏
