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**जय श्री राम!** यह महाशक्तिशाली और पवित्र हनुमान मंत्र है, जिसे **हनुमत बड़वानल स्तोत्र** या विशेष हनुमान साधनाओं के अंतर्गत स्मरण किया जाता है। इस मंत्र का पावन अर्थ इस प्रकार है: * **ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय:** भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्रावतार, संकटमोचन प्रभु हनुमान जी को मेरा नमन है। * **सर्वशत्रु संहारणाय:** जो समस्त आंतरिक (काम, क्रोध, लोभ) और बाहरी शत्रुओं, बाधाओं व नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाले हैं। * **सर्वरोगहराय:** जो अपने भक्तों के सभी मानसिक और शारीरिक रोगों व कष्टों को हर लेने वाले हैं। * **सर्ववशीकरणाय:** जिनकी कृपा से संसार में सकारात्मकता, यश और सर्वप्रियता (सद्भावना) प्राप्त होती है। * **रामदूताय स्वाहा॥:** भगवान श्री राम के परम भक्त और अनन्य दूत पवनपुत्र हनुमान जी को मैं स्वयं को समर्पित करता हूँ। ### इस मंत्र के लाभ: * **भय से मुक्ति:** किसी भी प्रकार के अज्ञात भय, तंत्र-बाधा या नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है। * **आरोग्य लाभ:** यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो इस मंत्र का मानसिक जप स्वास्थ्य में सुधार लाता है। * **संकटों का नाश:** जीवन में आ रहे अचानक संकट या कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय के लिए इसे बेहद प्रभावी माना जाता है। > **लघु विधि:** हनुमान जी के सम्मुख घी या चमेली के तेल का दीपक जलाकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके लाल आसन पर बैठकर इस मंत्र का जप करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। > **हनुमान जी की कृपा आप पर सदा बनी रहे!**

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