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भानु सप्तमी व्रत आज ***************** भानु सप्तमी हिंदू धर्म में सूर्य देव की उपासना का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में दो सप्तमी तिथि आती हैं, जब रविवार के दिन सप्तमी तिथि का संयोग बनता है, तो उसे 'भानु सप्तमी' कहा जाता है। चूंकि रविवार सूर्य देव का दिन है और सप्तमी उनकी प्रिय तिथि, इसलिए यह दिन 'सूर्य ग्रहण' के समान ही प्रभावशाली और पुण्यदायी माना जाता है। भानु सप्तमी का महत्व ===================== आरोग्य की प्राप्ति: शास्त्रों में कहा गया है— 'आरोग्यं भास्करादिच्छेत्' अर्थात् अच्छे स्वास्थ्य की कामना सूर्य देव से करनी चाहिए। भानु सप्तमी का व्रत करने से गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है। पितृ दोष से मुक्ति: इस दिन तर्पण और दान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। मान-सम्मान: सूर्य सफलता और तेज का कारक है। इस दिन पूजा करने से समाज में यश और पद-प्रतिष्ठा बढ़ती है। भानु सप्तमी पूजा विधि ====================== ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: इस दिन सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। सूर्य अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें। आदित्य हृदय स्तोत्र: अर्घ्य के बाद वहीं खड़े होकर 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें। यह शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास के लिए अचूक है। दीपदान और भोग: सूर्य देव के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उन्हें गुड़ या लाल फल अर्पित करें। उपवास: इस दिन बिना नमक का भोजन करने या केवल फलाहार करने का विशेष महत्व है। व्रत के लाभ ============= मानसिक शांति: यह व्रत मन की चंचलता को दूर कर एकाग्रता बढ़ाता है।  त्वचा रोगों से मुक्ति: धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से सूर्य पूजा करने पर चर्म रोगों में लाभ होता है।  सौभाग्य में वृद्धि: महिलाओं के लिए यह व्रत अखंड सौभाग्य और संतान सुख देने वाला माना गया है।  स्मरण शक्ति: विद्यार्थियों के लिए भानु सप्तमी का व्रत और सूर्य ध्यान बुद्धि को प्रखर बनाता है। क्यों मनाई जाती है भानु सप्तमी? (पौराणिक कथा) ============================ पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन ही सूर्य देव पहली बार अपने रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड में प्रकट हुए थे। उन्होंने इसी दिन अपने सात घोड़ों के रथ से संसार को आलोकित (प्रकाशित) किया था। इसीलिए इसे सूर्य देव के जन्म उत्सव के रूप में भी देखा जाता है।

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Comments (1)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jun 7, 2026

*‼️༺꧁ऊँ श्री सूर्य देवाय नमो नमः꧂༻‼️* 🪷💦🪷💦🪷💦🪷💦 *🌹०७ जून २०२६ रविवार🌹* ☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️🍁☘️ *༺꧁जय श्री राम꧂༻* *༺꧁जय श्री श्याम꧂༻* *🌷अगर आप चाहते हैं कि आपकी बात ईश्वर तक जल्दी पहुंचे तो शिकायत की बजाय शुक्रिया करने वालों की लाइन में लगना शिकायत की लाइन में भीड़ बहुत है वक़्त लग जायेगा।🌷* *🌺शुक्रिया करने वालों की लाइन छोटी है जल्दी ही आपकी बारी आ जाएगी बड़ों की छत्र छाया बोझ नहीं है, यह हमारा सुरक्षा कवच है, इन्हें सम्भाल कर रखिए, यही हमारी संस्कृति और संस्कार है।🌺* *🌸बातों की मिठास कभी अंदर का भेद नहीं खोलती मोर को देखकर कौन कह सकता है ये सांप खाता होगा!🌸* *🌺रिश्तों की रस्सी कमजोर तब हो जाती है जब इंसान गलतफहमी में पैदा होने वाले सवालों के जबाब भी खुद ही बना लेता है!🌺* *🥰हर इंसान दिल का बुरा नहीं होता बुझ जाता है दीपक अक्सर तेल की कमी के कारण हर बार कसूर हवा का नहीं होता !!*🥰 *🌞ॐ सूर्य देवाय नमः 🌞* *🌞ॐ आदित्याय नमः 🌞* *🌷आप को और आपके समस्त परिवार को मेरी और मेरे परिवार की तरफ से जून माह के प्रथम रविवार सुबह की एवं विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाइयाँ🌷* *🌻उर्जा और प्रकाश के देवता भगवान सूर्य देव की कृपा से आप सुखी और स्वस्थ रहें और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो।🌻* *‼️ जय श्री कृष्णाय नमः‼️* *🌹सुप्रभात प्रातःकाल वंदन🌹* *💐आपका दिन शुभ व मंगलमय हो जी💐*