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4.2.2026 *"कोई व्यक्ति अपने जीवन में सफल है अथवा असफल है, इसकी पहचान बहुत सरल है।"* *"यदि उसके माता-पिता और गुरुजन, उसके कार्यों से प्रसन्न हैं, वे उस व्यक्ति को आशीर्वाद देते हैं। तथा उससे कम योग्यता वाले उसके आसपास के लोग उसे शुभकामनाएं देते हैं, तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति अपने जीवन में तथा अपने कार्यों में सफल है।"* *"और यदि इसके विपरीत स्थिति है, तो समझ लीजिए वह व्यक्ति चाहे जितना बड़ा धनवान हो जाए, चाहे जितनी बड़ी प्रतिष्ठा प्राप्त कर ले, चाहे जितना ऊंचा पद प्राप्त कर ले, तो भी वह अपने जीवन में असफल ही है।"* ऐसा समझना चाहिए। ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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