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आज 17 मार्च 2026 की मंगल आरती के मुख्य दर्शन और आध्यात्मिक भाव यहाँ प्रस्तुत हैं। माता वैष्णो देवी जी के पिण्डी स्वरूप का श्रृंगार आज अत्यंत दिव्य और मनमोहक रहा। दर्शन सारांश: 17 मार्च 2026 पवित्र गुफा के भीतर तीनों पिण्डी स्वरूप—महाकाली (दाएं), महालक्ष्मी (मध्य) और महासरस्वती (बाएं)—का विशेष पूजन किया गया। * श्रृंगार: माता के स्वरूपों को आज रेशमी वस्त्रों, ताजे पुष्पों के हार और स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया। * आरती का वातावरण: मुख्य पुजारी जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच "जयन्ती मंगला काली..." के उद्घोष के साथ आरती संपन्न हुई। * भक्तों का उत्साह: कटरा और भवन पर मौसम सुहावना है, और भक्तों की भारी संख्या "जय माता दी" के जयकारों के साथ दर्शन का लाभ ले रही है। सुविचार (आज का संदेश) > "सच्ची भक्ति वह है जो मनुष्य के भीतर विनम्रता और करुणा जगाए। माँ के चरणों में शीश झुकाने का अर्थ है अपने अहंकार का त्याग करना।" > दर्शन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी | विवरण | समय/स्थिति | |---|---| | मुख्य आरती (प्रातः) | सूर्योदय के समय (संपन्न) | | मुख्य आरती (संध्या) | सूर्यास्त के तुरंत बाद | | मौसम (भवन) | हल्का ठंडा और साफ |

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