
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
93 days ago
*🪔अंबुबाची मेला 2026: अगले महीने कामाख्या देवी मंदिर में लगेगा अंबुबाची मेला, जानें इस मेले का महत्व🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕कामाख्या देवी मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. ये मंदिर असम के गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित है. इस मंदिर को बाकी मंदिरों से काफी अलग बताया जाता है.* *इस मंदिर में कोई प्रतिमा नहीं पूजी जाती, बल्कि एक योनि आकार की शिला की पूजा की जाती है, जिसे स्त्री शक्ति और जीवन के स्रोत का प्रतीक माना जाता है. दूर-दूर से भक्त इस शक्तिपीठ के दर्शन करने आते हैं. यहां साधु संतों और तांत्रिकों की भारी भीड़ उमड़ती है.* *हर साल यहां अंबुबाची मेला लगता है, जिसे पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े मेले में से एक माना जाता है. इस दौरान मंदिर बंद रहता है. मान्यता है कि इस समय देवी राजस्वला होती हैं. इस दौरान हजारों श्रद्धालु, साधु संत और तांत्रिक यहां पहुंचते हैं और माहौल पूरा भक्तिमय हो जाता है. अगले महीने जून में 22 तारीख से 26 तारीख तक अंबुबाची मेले का आयोजन किया जाएगा.* *🪔देवी के विश्राम का समय* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 अंबुबाची मेला 26 जून की रात को प्रारंभ होगा, जोकि 26 जून के सूर्योदय को समाप्त होगा. इस दौरान मंदिर बंद रहेगा. क्योंकि मान्यता है कि ये वो समय होता है, जब देवी अपने मासिक धर्म से गुजर रही होती हैं. इसलिए ये समय देवी के विश्राम का माना जाता है. तीन दिन मंदिर में कोई पूजा-पाठ या विशेष अनुष्ठान नहीं होते. चौथे दिन विशेष शुद्धिकरण अनुष्ठानों के बाद मंदिर खुलता है और भक्त देवी के दर्शन पाते हैं. *🪔मेले का महत्व* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 इसी दौरान पास बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी का पानी लाल रंग का दिखाई देने लगता है. इसे देवी के रजस्वला होने का संकेत माना जाता है. इस मेले के दौरान भक्तों को *•‘अंगवस्त्र’* नाम के एक लाल कपड़े का टुकड़ा दिया जाता है. इसे देवी के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है. साधु संतों और तांत्रिकों के लिए अंबुबाची मेले का खास महत्व है. इस मेले के दौरान भारत के विभिन्न हिस्सों से साधु संत और तांत्रिक कामाख्या देवी मंदिर एकत्र होते हैं. इसके बाद यहां जमकर तंत्र साधाना की जाती है. इसलिए इसे दुनिया का सबसे बड़ा तांत्रिक मेला कहा जाता है. *🚩#जय_माता_की🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

Comments (1)

Rohit Patel
May 29, 2026
🔱 जय माँ कामरू कामाख्या 🚩
