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📌 ```जब निर्णय सामने होता है, तो सबसे पहले मन डगमगाता है।``` 🕉️ *श्रीमद भागवत गीता – अध्याय 1 | श्लोक 20* *अथ व्यवस्थितान् दृष्ट्वा धार्तराष्ट्रान् कपिध्वजः।* *प्रवृत्ते शस्त्रसम्पाते धनुरुद्यम्य पाण्डवः॥* 📝 *सरल अनुवाद* तब हनुमान-ध्वज वाले रथ पर बैठे अर्जुन ने हथियार उठाए खड़े कौरवों को देखा और युद्ध आरम्भ होते ही अपना धनुष उठा लिया। 🔍 *व्याख्या* बाहर युद्ध शुरू हो चुका है, पर भीतर अर्जुन का संघर्ष जन्म ले रहा है। धनुष उठाना अर्जुन के कर्तव्य को दिखाता है, पर आगे जो होगा, वह उसके हृदय का द्वंद्व है। 🌿 *जीवन संदेश* 🕊️मनुष्य का सबसे बड़ा युद्ध कर्तव्य और भावना के बीच होता है।

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