
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
18 days ago
ॐ गं गणपतये नमः 🙏🌺 महाराष्ट्र के पुणे शहर के सोमवार पेठ में स्थित **‘त्रिशुंड गणपति’ (त्रिशुंड मयूरेश्वर)** मंदिर का नामकरण वास्तव में यहाँिस्थत भगवान गणेश की दुर्लभ प्रतिमा के आधार पर ही हुआ है, जिसके **तीन सूंड** (त्रिशुंड) हैं। इस मंदिर और मूर्ति से जुड़ी कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: * **तीन सूंड और छह भुजाएँ:** इस प्राचीन प्रतिमा में भगवान गणेश के तीन सूंड और छह हाथ हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये तीन सूंड त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) या काल (भूत, वर्तमान, भविष्य) के प्रतीक माने जाते हैं। * **मोर पर सवारी:** सामान्यतः भगवान गणेश का वाहन मूषक (चूहा) होता है, लेकिन इस मंदिर में बप्पा अपने पारंपरिक वाहन के बजाय **मोर** पर विराजमान हैं। इसी कारण इन्हें 'मयूरेश्वर' भी कहा जाता है। * **ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:** पेशवा काल के दौरान 18वीं शताब्दी (लगभग 1754-1770 के बीच) में भीमगीरजी गोसावी द्वारा इस अनूठे मंदिर का निर्माण कराया गया था। * **स्थापत्य कला और तळघर:** पत्थरों की बेहतरीन नक्काशी से सजा यह मंदिर अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इसके गर्भगृह के नीचे एक तळघर (अंडरग्राउंड चैंबर) भी है, जिसमें मंदिर के संस्थापक की समाधि स्थित है।

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