
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
89 days ago
*कर्म एक चक्र की तरह घूमता है...* ☸️✨ *दूसरों के साथ किया गया हर व्यवहार, ब्याज समेत लौटकर आता है।* *यह ब्रह्मांड का अटल नियम है -* *तस्वीर का पूरा विज्ञान समझो* *1. सुनहरा चक्र = धर्म चक्र / कर्म चक्र* ये सिर्फ पहिया नहीं, *ब्रह्मांड का कानून* है। गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं: _कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन_। मतलब: *कर्म तुम्हारे हाथ में है, फल चक्र के हाथ में*। और चक्र *ब्याज समेत* लौटाता है। *2. बायां हाथ बीज बो रहा है, दायां हाथ फल पा रहा है* यही *"As you sow, so shall you reap"* का असली रूप है। - *कांटे बोओगे* = कांटों का ताज मिलेगा - *बीज बोओगे* = फूल-फल की थाली मिलेगी - *जहर घोलोगे* = जहर का प्याला तुम्हारे पास आएगा - *प्रेम बाँटोगे* = प्रेम की गंगा तुम तक लौटेगी *चक्र की खासियत:* वो *मेमोरी कार्ड* की तरह सब सेव करता है। तारीख भूल जाओ, *कर्म नहीं भूलता*। *3. चक्र के चारों ओर आकाशगंगा क्यों?* क्योंकि ये नियम *तुम-मेरे लिए नहीं, पूरे ब्रह्मांड के लिए* है। राजा हो या रंक, पुजारी हो या पापी - *कर्म का EMI सबको भरना पड़ता है*। आज जो दे रहे हो, वही कल *बैंक में जमा* हो रहा है। *3 कड़वे पर सच्चे नियम* नियम मतलब उदाहरण **1. देर है, अंधेर नहीं** तुरंत नहीं मिला तो समझो **ब्याज जुड़ रहा है** रावण को भी फल देर से मिला, पर मिला 10 सिर समेत **2. Intent भी कर्म है** सिर्फ एक्शन नहीं, **नीयत** भी गिनी जाती है मदद करके एहसान जताया = पुण्य में GST कट गया **3. माफ करने से चक्र टूटता है** बदला लोगे = नया लोन शुरू। माफ करोगे = **खाता बंद** द्रौपदी ने कौरवों को माफ नहीं किया, महाभारत हो गया *तो अब क्या करें? - 3 Step Formula* 1. *बोने से पहले सोचो:* ये बीज है या कांटा? आज किसी का दिल दुखाकर 5 मिनट का मजा, कल 5 साल का दर्द बनकर लौटेगा। 2. *अच्छा लौटे तो इतराओ मत:* ये तुम्हारा *पुराना FD मैच्योर* हुआ है। अहंकार करोगे तो नया कर्ज चढ़ेगा। 3. *बुरा लौटे तो रोओ मत:* ये तुम्हारा *पुराना बिल* है। शुक्रिया करो कि *ब्याज कम* करके निपट रहा है। *सीधी बात:* कर्म का चक्र *Revenge नहीं, Balance* करता है। *गलतफहमी:* लोग समझते हैं "उसने बुरा किया, उसका बुरा होगा"। *सच्चाई:* "मैं बुरा करूंगा, तो मेरा बुरा होगा"। *चक्र को अपने फेवर में घुमाना है?* आज किसी भूखे को खाना, किसी रोते को हंसी, किसी गिरे को हाथ दे दो। *चक्र नोट कर लेगा* और जब तुम गिरोगे, तो *100 हाथ तुम्हें उठाने आएंगे*। *|| जैसा करोगे वैसा भरोगे, ये विधि का लेखा है ||* *|| बोया पेड़ बबूल का, तो आम कहाँ से होय ||* *कर्म से डरो नहीं मित्र, कर्म को दोस्त बना लो ☸️*

Comments (3)

सविता
Jun 3, 2026
Radhe radhe 🙏🌹

Gyanendra dubey
Jun 3, 2026
bahut sundar hai

