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17.1.2026 पुराने समय में तो विवाह करने से पहले जब लड़का लड़की की खोज की जाती थी, तो *"उनका बचपन से जवानी तक पूरा इतिहास लिखा जाता था। उस इतिहास को पढ़ कर पता चलता था कि लड़के लड़की का गुण कर्म स्वभाव मिलता है या नहीं? जिस जिसका गुण कर्म स्वभाव मिल जाता था, उस उस का विवाह करते थे।"* परंतु अब तो वह परंपरा रही नहीं। टूटी-फूटी परंपरा में आज कल लोग जन्म कुंडली मिलाते हैं। *"उस कुंडली में कुछ लिखा नहीं होता। इसलिए बहुत से विवाह फेल हो जाते हैं। तो ऐसी झूठी जन्म कुंडली से तो बचने का प्रयत्न करें।"* आजकल तो गुण कर्म स्वभाव मिलाने का एक तरीका यह है, कि *"लड़का लड़की के पड़ोसियों से जानकारी करें। क्योंकि पड़ोसी अपने आसपास के लोगों को बार-बार मिलते और देखते रहते हैं, तो उनसे जानकारी कुछ अच्छी मिल सकती है।"* या दूसरा उपाय -- *"उनका फेसबुक इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल देखें। वहां से कुछ पता चल सकता है।"* तो एक उपाय जो पड़ोसियों से पूछने का है। उस संदर्भ में यह ध्यान रखें, कि *"अपने पड़ोसियों के साथ कभी लड़ाई झगड़ा न करें। उनके साथ प्रेम पूर्वक रहें। क्योंकि जब लड़का लड़की खोजने वाले आएंगे, तो आपके पड़ोसियों से भी पूछताछ करेंगे।" "यदि आपका व्यवहार पड़ोसियों से अच्छा है, तो आपको लड़का लड़की के लिए रिश्ता मिल जाएगा, अन्यथा कठिनाई होगी।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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