
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
53 days ago
ॐ गं गणपतये नमः शुभ दोपहर जी *🕉️ राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति का चमत्कारी उपाय* 🙏✨ ज्योतिष में राहु-केतु को _छाया ग्रह_ कहा जाता है। ये भ्रम, अचानक रुकावट, मानसिक तनाव, नौकरी-व्यापार में अड़चन और नजर दोष देते हैं। लेकिन शास्त्रों में कहा गया है - *"राहु-केतु के दोष निवारण में श्री गणेश सबसे पहले पूजे जाते हैं"* क्योंकि गणेश जी _विघ्नहर्ता_ हैं। *श्री गणेश का राहु-केतु नाशक मंत्र* *मंत्र:* *ॐ गं गणपतये नमः राहु-केतु दोष निवारणाय नमः* *ॐ वक्रतुण्डाय हुं* *जाप विधि:* 1. *समय*: बुधवार या शनिवार की सुबह स्नान करके 2. *दिशा*: पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें 3. *माला*: रुद्राक्ष या मूंगे की माला पर *108 बार* जाप करें 4. *सामग्री*: गणेश जी को दूर्वा, मोदक और सिंदूर चढ़ाएं। सरसों के तेल का दीपक जलाएं 5. *नियम*: 21 दिन तक लगातार करें। जाप के समय मन में गणेश जी का ध्यान रखें *इस मंत्र के 5 चमत्कारी लाभ* 1. *राहु-केतु दोष शांत*: भ्रम, नशा, गलत संगति और अचानक आने वाली परेशानी दूर होती है 2. *विघ्न नाश*: रुके हुए काम, कोर्ट-कचहरी, नौकरी में रुकावट दूर होती है 3. *मानसिक शांति*: डर, घबराहट, नींद न आना और नकारात्मक सोच खत्म होती है 4. *आर्थिक लाभ*: अचानक धन हानि रुकती है और नए अवसर मिलते हैं 5. *रक्षा कवच*: बुरी नजर, तंत्र बाधा और शत्रुओं से रक्षा होती है *3 जरूरी बातें ध्यान रखें* 1. *भाव जरूरी है*: सिर्फ रटने से नहीं, श्रद्धा से जाप करें 2. *दान करें*: जाप के बाद काले तिल, कंबल या नारियल का दान राहु-केतु के लिए शुभ है 3. *पीपल पूजा*: शनिवार को पीपल पर जल और 7 परिक्रमा करने से प्रभाव दोगुना होता है _भावार्थ_: गणेश जी बुद्धि के देवता हैं। राहु भ्रम देता है और गणेश जी बुद्धि देकर भ्रम काटते हैं। इसलिए इन्हें _प्रथम पूज्य_ कहा गया है। *ॐ गं गणपतये नमः* 🐘🌺 _विघ्नहर्ता सभी विघ्न दूर करें_
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