
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
241 days ago
जब आप श्री राम नाम जप करते हैं तो आपका मन पूरे ब्रह्मांड में भटक रहा होता है...फिर भी जप करो.. जब आप जप करते हैं तो आपका मन अतीत तथा भविष्य में भटक रहा होता है.... फिर भी जप करो! जब आप जप करते हैं तो आप श्री राम के नाम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं.... फिर भी जप करो! आपको जप करने में कोई रुचि नहीं है... फिर भी जप करो! आपकी कामुक इच्छाएँ हैं.... फिर भी जप करो! आप जप में अपराध कर रहे हैं.... फिर भी जप करो! आप बेहतर जप करने के लिए प्रभु श्री राम जी से प्रार्थना नहीं कर रहे हैं.... फिर भी जप करो! आप प्राय: देर रात्रि में जप करते हैं.... फिर भी जप करो! तो क्यों? उपरोक्त सभी बाधाओं के बावजूद आपको जप क्यों करना चाहिए? इसलिए कि नाम जप के समान कोई व्रत नहीं है, इससे श्रेष्ठ कोई ज्ञान नहीं है, इसके समीपवर्ती कोई साधना नहीं है, तथा यह सर्वोच्च फल प्रदान करता है। इसके समान कोई तपस्या नहीं है, तथा नाम के समान कुछ भी प्रभावयुक्त या शक्तिशाली नहीं है जय सियाराम जय जय सियाराम 🙏🚩

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