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*📜 विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) 📜* 5 मई 2026 (मंगलवार) को मनाया जा रहा है। विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में अस्थमा (दमा) के प्रति जागरूकता फैलाना और इसके प्रबंधन में सुधार करना है। *विषय (Theme):* *"अस्थमा से पीड़ित सभी लोगों के लिए सूजनरोधी इनहेलर तक पहुंच - अभी भी एक अत्यावश्यक आवश्यकता है" (Access to Anti-Inflammatory Inhalers for All with Asthma – Still an Urgent Need)।* *” इसका अर्थ है* कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्थमा से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक दवा मिल सके। सूजनरोधी इनहेलर अस्थमा रोगियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये लक्षणों को नियंत्रित करने और दौरे को रोकने में मदद करते हैं। *अस्थमा क्या है?* अस्थमा फेफड़ों में मौजूद वायु नलिकाओं को प्रभावित करने वाली एक बीमारी है। इससे उनमें सूजन आ जाती है और वे संकुचित हो जाती हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। कुछ लोगों को अस्थमा होता है, जबकि अन्य लोगों को इसके गंभीर दौरे पड़ते हैं और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। *इतिहास और महत्वशुरुआत:* पहली बार इसे 1998 में स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित विश्व अस्थमा बैठक के दौरान मनाया गया था। *आयोजक:* यह ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) द्वारा आयोजित किया जाता है। *उद्देश्य:* अस्थमा से होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करना और लोगों को सही इलाज (जैसे इनहेलर का सही उपयोग) के बारे में शिक्षित करना। *अस्थमा के बारे में मुख्य तथ्यलक्षण:* सांस फूलना, खांसी, घरघराहट और सीने में जकड़न महसूस होना। *कारण:* वायु प्रदूषण, धूल के कण, एलर्जी (पालतू जानवर, पराग), धूम्रपान और मौसम में बदलाव। *नियंत्रण:* हालांकि अस्थमा का कोई 100% स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन उचित दवा और इनहेलर के उपयोग से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

May 5, 2026

आपने जीवन के बहुत ही गहरे और व्यावहारिक सूत्रों को साझा किया है। अक्सर हम भावनाओं के बहाव में आकर वो गलतियाँ कर बैठते हैं जिन्हें बाद में सुधारना मुश्किल होता है। आपकी बात को अगर थोड़ा और स्पष्ट करें, तो ये **जीवन के तीन मंत्र** हमें संयम और समझदारी सिखाते हैं: ### 1. आनंद में 'वचन' न दें जब हम बहुत खुश होते हैं, तो उत्साह में आकर ऐसे वादे कर बैठते हैं जिन्हें भविष्य में पूरा करना कठिन हो जाता है। * **सीख:** खुशी के समय अपनी सीमाओं को न भूलें; जोश में आकर होश न खोएं। ### 2. क्रोध में 'उत्तर' न दें गुस्से में शब्द अक्सर तलवार का काम करते हैं। उस क्षण दिया गया जवाब रिश्तों में ऐसी दरार डाल सकता है जो कभी नहीं भरती। * **सीख:** जब मन अशांत हो, तो मौन सबसे बड़ा अस्त्र है। ठंडा होने पर बात करना ही बुद्धिमानी है। ### 3. दुख में 'निर्णय' न लें जब हम दुखी होते हैं, तो हमारा नज़रिया नकारात्मक हो जाता है। निराशा में लिया गया फैसला अक्सर गलत साबित होता है क्योंकि उस समय हम केवल अपनी तकलीफ देख रहे होते हैं। * **सीख:** कठिन समय को धैर्य से गुजर जाने दें, उसके बाद ही भविष्य की दिशा तय करें। > **सार:** भावनाएं अस्थायी होती हैं, लेकिन उनके प्रभाव में लिए गए निर्णय और बोले गए शब्द स्थायी हो सकते हैं। इसलिए— **रुको, सोचो और फिर प्रतिक्रिया दो।** > 🙏🙏🙏🙏🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 5, 2026

"दर्द "एक संकेत है कि आप जिंदा हो। "समस्या" एक संकेत है कि आप मजबूत हो. "प्रार्थना "एक संकेत है कि आप अकेले नही हो जीवन के तीन मंत्र... *आंनद * मे वचन "क्रोध मे उतर मत दीजिए और *दुख* मे निर्णय मत लीजिए। न म न सुप्रभात 🙏🌹🌹