MyMandirInstall

*🌹क्या आप भी खाने के बाद थाली में धोते हैं हाथ? तो हो जाइए सावधान! अनजाने में घर आ सकती है दरिद्रता🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕हिंदू धर्म में अन्न को मां अन्नपूर्णा और देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि, जिस घर में अन्न का सम्मान होता है, वहां कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।* *लेकिन कई लोगों की आदत होती है कि, खाना खाने के बाद हाथ उसी थाली में धोते हैं।* *ऐसा करने से बचे हुए अन्न के कण पानी में बह जाते हैं। हिंदू शास्त्रों में इसे अन्न का अपमान करना बताया गया है, जिससे घर में दरिद्रता और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।* *⚜️थाली में हाथ धोने से क्या होता है?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* भोजन करने के बाद थाली में हाथ धोना एक आम आदत है, जो कई घरों में देखने को मिल सकती है। लेकिन वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में इस आदत को अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से बचे हुए अन्न का अपमान होता है। माना जाता है कि, थाली में हाथ धोने से बचा हुए अन्न गंदा हो जाता है, जो मां लक्ष्मी को नाराज करने का काम करता है। इसलिए खाना खाने के बाद हाथ अलग बर्तन में धोना चाहिए। *⚜️बचे हुए अन्न का क्या करें?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* कई लोग थाली में बचे हुए या हाथ में लगे अन्न को कूड़ेदान में फेंक देते हैं। यह अन्न का घोर अपमान माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में बताया गया है कि, बचा हुए अन्न जानवरों को खिलाना चाहिए। इससे अन्न का अपमान भी नहीं होता और जानवरों की भूख भी मिट जाती है। खाना खाते समय कई बार अन्न लोगों की उंगलियों से चिपक जाते हैं और कई लोग उन्हें चाटकर साफ करना सही समझते हैं। हिंदू परंपरा में भोजन के आखिर में उंगलियों को चाटना असभ्य व्यवहार माना जाता था। ऐसी स्थिति में हाथ को अलग बर्तन में धोना सही माना जाता है। हालांकि आधुनिक दौर में हाथों को चाटने के पीछे यह तर्क दिया जाता है कि यह खाना बर्बाद न करने का ही एक तरीका है। जैन धर्म में अन्न के एक-एक दाने को खास महत्व दिया जाता है, इसलिए कई लोग थाली में बचे अन्न को पानी मिलाकर पी लेते हैं। हिंदू शास्त्रों में तो ऐसी भी मान्यता है कि, भोजन का एक दाना भी बर्बाद नहीं जाना चाहिए। भागवत पुराण समेत कई हिंदू पुराणों में अन्न के अपमान को महापाप की श्रेणी में रखा गया है। *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!