
SHREE SHARMA
173 days ago
आज 10 मार्च को शीतला सप्तमी का पावन पर्व है। आप सभी को शीतला सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाएं। शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है जो माता शीतला को समर्पित है। यह पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। माता शीतला को रोगों की देवी माना जाता है और उनकी कृपा से चेचक, त्वचा रोग, बुखार तथा अन्य संक्रामक रोगों से रक्षा होती है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक माता शीतला की पूजा करता है उसके परिवार में स्वास्थ्य, शांति और सुख-समृद्धि बनी रहती है। शास्त्रों में माता शीतला का यह प्रसिद्ध मंत्र वर्णित है — वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनी-कलशोपेतां शूर्पालंकृत मस्तकाम्॥ अर्थ — मैं उस माता शीतला को प्रणाम करता हूँ जो गधे पर विराजमान हैं, हाथ में झाड़ू और कलश धारण करती हैं तथा अपने भक्तों के रोग और कष्टों का नाश करती हैं। शीतला सप्तमी और अष्टमी के दिन विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इस पर्व के एक दिन पहले घर में भोजन बनाया जाता है जिसे बसौड़ा कहा जाता है। सप्तमी या अष्टमी के दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता और उसी बासी भोजन का भोग माता शीतला को लगाया जाता है। प्रातः स्नान करके माता शीतला की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। उन्हें दही, गुड़, पूरी, हलवा, चने और ठंडे पकवान अर्पित किए जाते हैं। पूजा में नीम के पत्तों का भी विशेष महत्व होता है क्योंकि नीम को रोगनाशक और पवित्र माना जाता है। इस दिन ठंडा भोजन अर्पित करने के पीछे यह भाव माना जाता है कि माता शीतला की कृपा से शरीर और वातावरण में शीतलता बनी रहे और रोगों का प्रकोप शांत हो जाए। यह पर्व हमें स्वच्छता, संयम और स्वास्थ्य के महत्व का भी संदेश देता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम से शीतला सप्तमी या अष्टमी का व्रत और पूजन करता है उसके घर से रोग, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। माता शीतला की कृपा से परिवार में स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का वास होता है।

Comments (3)

Rama Devi Sahu
Mar 10, 2026
🌺🌺 Maa ki Aasirbad Aap pr Hamesha Bani Rahe 🌺🌺

Rama Devi Sahu
Mar 10, 2026
🙏🌺 Jai Mata Sitala 🌺🙏
