
SHREE SHARMA
435 days ago
मो सम दीन न दीन हित, तुम्ह समान रघुबीर। अस बिचारि रघुबंस मनि, हरहु बिषम भव भीर॥ हे रघुवीर! मेरे समान तो कोई दीन नहीं है और आपके समान कोई दीनबंधु नही है। ऐसा विचारकर हे रघुवंश-मणि! जन्म-मरण के महान् भय का नाश कीजिए जय सियाराम 🙏

Comments (1)

Rama Devi Sahu
Jun 21, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏🙏🌹
