
SHREE SHARMA
324 days ago
#करवा_चौथ #करक_चतुर्थी #संकष्टी_श्रीगणेश_चतुर्थी #कार्तिक_महात्म्य कार्तिक माहत्म्य सुनते हुए , महाराज पृथ ने देवर्षिजी से विनती की हे महामुने ! आपने कार्तिक मास में विष्णु भगवान् की पूजा का महात्म्य सुनाया। इस मास में यदि अन्य किसी देवता का पूजन या व्रत होता हो तो वह भी कहिए। तब नारद जी बोले— हे राजन् ! आश्विन शुक्ला पूर्णिमा को ब्रह्माजी का व्रत, कार्तिक कृष्णा चतुर्थी को गणेशजी तथा अष्टमी व अमावस्या को लक्ष्मीजी का व्रत किया जाता है । जो कुंवारी कन्याएँ कार्तिक मास में चतुर्थी को गणेशजी का करक चतुर्थी ( करवा चौथ ) व्रत करती हैं, उन्हें सुयोग्य वर ( पति ) मिलता है। यदि विवाहित स्त्री इस व्रत को करे तो उसका सुहाग अटल रहता है। प्रात:काल स्नानादि से निवृत हो, चन्दानादि से श्री गणेश जी का पूजन करे, फिर सायंकाल गणेशजी का पूजन करके, चन्द्रमा का उदय होने पर उसको अर्घ्य देवे। तत्पश्चात् उत्सव मनाते हुए भोजन करे। सधवा स्त्रियों को अपने सुहाग की रक्षा के लिए यह व्रत अवश्य करना चाहिए। करक चतुर्थी व्रत के महत्व का वर्णन करते हुए नारद जी ने कहा— हे राजा पृथु ! अब इस व्रत का एक इतिहास हम तुमको सुनाते हैं, ध्यानपूर्वक सुनो। भद्रावती नगरी में सुधर्मा नाम का एक राजा था। उसके रविदत्त, सुशर्मा, जयशर्मा और सुशोभन नाम के चार पुत्र तथा वीरमति नामक एक कन्या थी । सुधर्मा ने अपनी कन्या का विवाह देवव्रत के साथ किया था। वे दोनों प्रेम पूर्वक रहने लगे। एक दिन अचानक घर पर सर्प द्वारा काटे जाने से देवव्रत की मृत्यु हो गयी। यह देख वीरमती जोर-जोर से रोने-चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर उसके माता-पिता, चारों भाई तथा पुरवासी भी वहाँ पर आ गये और देवव्रत को मरा हुआ देखकर, समस्त नगर दुःख के सागर में डूब गया। उसी समय दुःखों को दूर करने वाले महर्षि पुलस्त्य मुनि अचानक वहाँ आ पहुँचे। राजा ने हाथ जोड़कर विनयपूर्वक उनसे पूछा— हे महात्मन् ! किस पाप के कारण मेरी यह कन्या विधवा हुई है। पुलस्त्य मुनि ने बतलाया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की गणेश चतुर्थी का व्रत न करने के कारण ही यह कन्या वैधव्य को प्राप्त हुई है। फिर पुलस्त्य जी ने कहा— एक समय दैत्यों के नाश का उपाय खोजने के लिए ब्रह्मा, विष्णु, महेश तथा इन्द्रादि सब देवता एकत्रित हुए। उस समय ब्रह्माजी ने कहा कि गणेश चतुर्थी का व्रत सम्पूर्ण विपत्तियों का विनाश करने वाला है। तब सब देवताओं ने कार्तिक कृष्णा चतुर्थी को व्रत किया, जिससे दैत्यों पर विजय प्राप्त हुई। विजय होने के बाद समस्त देवताओं ने गणेशजी से कहा कि वर मांगो। तब गणेशजी ने कहा कि जो स्त्री कार्तिक कृष्णा चतुर्थी का व्रत करे उसका पति चिरंजीवी तथा जो न करे वह विधवा हो। अतः समस्त स्त्रियों को यह व्रत अवश्य करना चाहिए। हे राजन् तुम्हारी कन्या ने इस व्रत को नहीं किया था, इसी कारण यह विधवा हुई है। यदि अब भी यह व्रत को करे तो उसका मृत पति जीवित हो सकता है। इतना कहकर पुलस्त्य मुनि चले गये। तब राजा ने अपने जामाता का शरीर तेल में सुरक्षित रखवा दिया। इसके बाद जब कार्तिक मास आया तो उसकी कन्या ने विधिवत् व्रत करके उद्यापन में ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देकर उन्हें संतुष्ट किया, जिसके प्रभाव से उसका मृतक पति पुनः जीवित हो गया। नारदजी कहते हैं— हे राजा पृथु ! सौभाग्यवती स्त्रियों को अपने सुहाग की रक्षा तथा संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत अवश्य करना चाहिए। #करवा_चौथ की हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं 🙏 ✹•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•✹•⁘•⁘••⁘•⁘•✹•⁘••⁘•✹•⁘••⁘•✹ यतो वेदवाचो विकुण्ठा मनोभिः सदा नेति नेतीति यत्ता गृणन्ति । परब्रह्मरूपं चिदानन्दभूतं सदा तं गणेशं नमामो भजामः ॥🌺🙏🌺 #गं_गणपतये_नमः #श्री_गणेशाय_नमः🙏 _____________________________________________ 🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿 मुदा करात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरञ्जकम् । अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥ 🌹🏵️🌼🌺🍂🙏🙏🙏🍂🌺🌼🏵️🌹 🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿

Comments (5)

Suman
Oct 10, 2025
🌺श्री गणेशाय: नमः🌺 🙏🙏

Rama Devi Sahu
Oct 10, 2025
Karva Chauth ki ye Story Atayant Sraddha ke Sath Padh kar Vrat karna Bahut hi Subha Dayak...! 🙏🙏 👌👌

Rama Devi Sahu
Oct 10, 2025
🙏‼️ Om Shree Ganeshay Namah ‼️🙏 Subha Shukravar ki Subha Kamanayen ke Sath Subha Dopahar Jii 🌹🌹
