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*📜 20 जनवरी 📜* *🌹 खान अब्दुल गफ्फार खान // पुण्यतिथि 🌹* जन्म : 06 फरवरी 1890 मृत्यु : 20 जनवरी 1988 ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान (1890-1988) सीमाप्रांत और बलूचिस्तान के एक महान राजनेता थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने कार्य और निष्ठा के कारण "सरहदी गांधी" (सीमान्त गांधी), "बच्चा खाँ" तथा "बादशाह खान" के नाम से पुकारे जाने लगे। वे भारतीय उपमहाद्वीप में अंग्रेज शासन के विरुद्ध अहिंसा के प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। एक समय उनका लक्ष्य संयुक्त, स्वतन्त्र और धर्मनिरपेक्ष भारत था। इसके लिये उन्होंने 1930 में खुदाई खिदमतगार नाम के संग्ठन की स्थापना की। यह संगठन "सुर्ख पोश" (या लाल कुर्ती दल) के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी के सहयात्री रहे भारत रत्न से सम्मानित महान स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान का आज (20 जनवरी) पुण्यतिथि है। वह अपनी 98 वर्ष की जिंदगी में कुल 35 साल जेल में रहे। सन् 1942 में वह फिर गिरफ्तार कर लिए गए। उसके बाद तो 1947 में अंग्रेजों से मुल्क आजाद होने के बाद ही उन्हें जेल से आजादी मिली। उससे एक दशक पहले ही वह महात्मा गांधी के सबसे करीबी और विश्वसनीय हो चुके थे। वह हिंदुस्तान के बंटवारे के मुखर विरोधी रहे। अंग्रेजों से देश आजाद हो जाने और बंटवारे के बाद भी सरहदी गांधी ने पाकिस्तान में रहकर पख़्तून अल्पसंख़्यकों के हितों की लड़ाई छेड़ दी। अब उन्हें स्वतंत्र पाकिस्तान सरकार ने जेल में डाल दिया। उन्हें अपना निवास क्षेत्र पाकिस्तान से बदलकर अफगानिस्तान करना पड़ा। सन् 1988 में पाक़िस्तान सरकार ने उन्हें पेशावर में उनके घर में नज़रबंद कर दिया। 20 जनवरी 1988 को उनकी मृत्यु हो गयी और उनकी अंतिम इच्छानुसार उन्हें जलालाबाद अफ़ग़ानिस्तान में दफ़नाया गया। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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