
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
1 day ago
5.10.2026 *"प्रतिदिन सुबह सूर्य उदय होता है। उसका जैसा स्वभाव है उसके अनुसार वह अपना प्रकाश फैलाता है, चमकता है। सबको सुख देता है। कोई दिखावा नहीं करता। बल्कि स्वाभाविक रूप से अपना काम करता है।"* *"सूर्य तो पहले से ही परफेक्ट है। परंतु आप पहले से परफेक्ट नहीं हैं।" "इसलिए आप परफेक्ट होने की कोशिश अवश्य करें। फिर भी सूर्य से इतना अवश्य सीखें, कि "जीवन में दिखावा करना अच्छा नहीं है। स्वाभाविक जीवन जीना चाहिए। क्योंकि उसमें आनन्द है। दिखावे में आनन्द नहीं है।"* *"जैसे सूर्य दिखावा नहीं करता, स्वाभाविक रूप से अपना कार्य करता है, और सबको सुख देता है। ऐसे ही आप भी दिखावा न करें, अपना कार्य स्वाभाविक रूप से करें, और सूर्य के समान सबको सुख देवें।"* *"आजकल दिखावे का ज़माना तो है, परंतु दिखावा करके भी लोग सुखी नहीं हैं। क्योंकि सुख या आनन्द तो स्वाभाविक जीवन जीने में ही है।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय रोजड़ गुजरात।"*

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
