
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
154 days ago
जोंक (Leech) के काटते समय दर्द न होने के पीछे मुख्य रूप से तीन वैज्ञानिक कारण काम करते हैं: 1. प्राकृतिक एनेस्थीसिया (Natural Anesthesia) जब जोंक त्वचा पर चिपकती है, तो वह अपने लार (Saliva) में एक विशेष प्रकार का एनेस्थेटिक पदार्थ छोड़ती है। यह बिल्कुल वैसा ही काम करता है जैसे डॉक्टर सर्जरी से पहले सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाते हैं। इसकी वजह से उस हिस्से की नसें शांत हो जाती हैं और हमें कटने का अहसास ही नहीं होता। 2. 'हिपोटॉक्सिन' और 'हीरुडिन' का प्रभाव जोंक की लार में हीरुडिन (Hirudin) नाम का एक पेप्टाइड होता है। इसके दो मुख्य काम हैं: * यह खून को जमने (Clotting) से रोकता है ताकि जोंक आसानी से खून पी सके। * यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को उस समय सक्रिय होने से रोकता है, जिससे जलन या खुजली महसूस नहीं होती। 3. काटने का तरीका जोंक के तीन जबड़े होते हैं और हर जबड़े में लगभग 100 सूक्ष्म दांत होते हैं। यह 'Y' आकार का एक बहुत ही बारीक चीरा लगाती है। यह चीरा इतना महीन होता है कि बिना रसायनों के भी इसे महसूस करना मुश्किल होता है। दिलचस्प तथ्य: प्राचीन समय में और आज भी कई आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों (Leech Therapy) में जोंक का उपयोग रक्त के थक्के साफ करने और रक्त संचार सुधारने के लिए किया जाता है।
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