
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
173 days ago
शीतला अष्टमी (बासोड़ा) की यही महिमा है। 11 मार्च 2026 को जब पूरा देश शीतला माता की आराधना करेगा, तब यह परंपरा और विज्ञान दोनों का संगम होगा। लोक मान्यताओं और आयुर्वेद के अनुसार इस दिन का विशेष महत्व है: 🥣 बासी भोजन 'अमृत' क्यों? धार्मिक दृष्टि से माता शीतला को शीतलता प्रिय है, इसलिए उन्हें ताजा या गर्म भोजन अर्पित नहीं किया जाता। एक दिन पहले बना हुआ (ठंडा) भोजन ही उन्हें भोग लगाया जाता है और प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। * ऋतु परिवर्तन का संदेश: यह समय सर्दियों के जाने और गर्मियों के आने का संधि काल होता है। इस दिन आखिरी बार बासी भोजन करके शरीर को आने वाली गर्मी के लिए तैयार किया जाता है। * आरोग्य का वरदान: माना जाता है कि माता शीतला चेचक (Chickenpox) और अन्य ताप जनित रोगों से रक्षा करती हैं। ठंडा भोजन पित्त को शांत रखने का प्रतीक है। 🔥 ताजा खाना 'विष' के समान क्यों? इस दिन कई घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता। ताजा भोजन (गर्म खाना) बनाने की मनाही के पीछे गहरा अर्थ है: * अग्नि का त्याग: अग्नि उष्णता (गर्मी) का प्रतीक है, जबकि आज का दिन पूर्णतः शांति और शीतलता को समर्पित है। * स्वच्छता का पाठ: यह पर्व हमें सिखाता है कि भोजन और जल की शुद्धता कितनी अनिवार्य है। ✨ आज की सीख > "संयम ही सबसे बड़ी औषधि है।" > जैसे हनुमान जी ने अपनी शक्तियों को अनुशासन और भक्ति में ढाला, वैसे ही बासोड़ा का यह पर्व हमें सिखाता है कि अपनी जीभ (स्वाद) पर नियंत्रण रखकर स्वास्थ्य की रक्षा करना ही असली बुद्धिमानी है।
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