
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
120 days ago
2.5.2026 ज्ञानी व्यक्ति मूर्खों के सामने मौन हो जाते हैं। वे समझते हैं, कि *"मूर्ख लोग समझाने पर भी नहीं मानेंगे।"* क्योंकि उनके पास भूतकाल का बहुत सारा अनुभव पहले से विद्यमान होता है। इसलिए वे मूर्खों को समझाने का प्रयास नहीं करते। और उनकी मूर्खता को देखकर मन ही मन दुखी भी नहीं होते, बल्कि प्रसन्न रहते हैं। *"और जो लोग स्वयं मूर्ख होते हैं। वे दूसरे मूर्खों की उल्टी सीधी क्रियाओं को देखकर क्रोधित होते हैं। और उन मूर्खों को समझाने का प्रयास करते हैं। क्योंकि वे इस बात को नहीं जानते कि ये सामने वाले लोग मूर्ख हैं, ये नहीं समझेंगे।" "इस बात को न समझने वाले लोग स्वयं मूर्ख होते हैं, और वे क्रोध करके लड़ाई झगड़ा उत्पन्न करते हैं।"* तो सारी बात का सार यह हुआ, कि *"मूर्खों के सामने मौन रहने में ही बुद्धिमत्ता है, और उनसे झगड़ा न करते हुए अपना बचाव करने में ही आनन्द है।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
