
SHREE SHARMA
345 days ago
🙏एक बार विचार जरूर करे🙏 *समय निकालकर एक बार अवश्य पढ़ें* *एक सोच* *कभी ईद में मुसलमानो को मस्ज़िद के सामने नशा करके अश्लील गानों पर नाचते हुए देखा है क्या ? *कभी ईशु मसीह के सामने क्रिस्चियन लोगो को शांताबाई गाने पर नाचते हुए देखा है क्या *कभी सिक्ख लोगो को अपने भगवान के सामने, आला बाबुराव गाना लगाकर नाचते हुए देखा है क्या* दुर्गा पूजा, गणपति उत्सव, शिव बारात, सरस्वती पूजा, विश्वकर्मा पूजा, और भी बहुत उत्सव है ।भगवान् के सामने नशा करके और डीजे लगाकर अश्लील गाने लगाकर ये भद्दा नाच करने की बीमारी क्यों हो गयी है हिन्दुओं को और अपने घर में कोई भी शादी विवाह, जन्मदिन, सालगिरह अनेक उत्सव में परिवार के लोगों के सामने गाना बजेगा तू चीज बड़ी है मस्त- मस्त दम मारो दम मिट जाए हम छत पे सोया ता बहनोई मैं तने समझ कर सो आई चोली के नीचे क्या है बहुत से अश्लील गाने बजाकर परिवार के सामने डांस करना। *ये कलंक हमारे हिन्दू समाज पर ही क्यों लग गया है या हमने ही लगा लिया. अन्य धर्म के लोग अपने धार्मिक, पारिवारिक, सामाजिक कार्यक्रम में ऐसी फालतूगीरी नहीं करते.* *डीजे पर अश्लील गाने लगाकर लाखों रुपया खर्च कर हम अपने ही इष्ट का अपने सनातन संस्कृति पारिवारिक परम्परा का अपमान कर रहे है.* *हमें अपने त्यौहर बड़े उत्साह और बड़े पैमाने पर मनाने चाहिए साथ ही पारम्परिक वाद्य, ढोल मजीरो, पारम्परिक पोशाक में बड़े ही शान से प्रत्येक हिन्दू त्यौहारों में दिखनी ही चाहिए.* *तभी हमारी सनातन संस्कृति टिकेगी. देखिये आप खुद ही विचार करें, और दूसरों को भी विचार करने लगाइये*. *अभी आगे नवरात्रि, गणेशोत्सव, दशहरा आदि त्योहारों में ध्यान रखें और कोई ऐसा करता हो उन्हें समझाए. समाज के जो कर्ता धर्ता बनकर बैठे हैं उनको भी अपने अपने सामाजिक संगठनों के प्रभाव व दबाव पूर्वक ऐसे करने वालो को बलपूर्वक रोकने का प्रयास करना चाहिये*. 🚩 *आधे अधूरे, कटे फटे, भड़काऊ वस्त्र पहनना, अंतर्जातीय प्यार और विवाह करना, माता पिता को रूढीवादी बताना, लिव रिलेशनशिप में बिंदास जीवन बिताना, बिना शादी किए अपने होने वाली जीवनसंगिनी के साथ अमर्यादित, अभद्र फोटो विडिओ शूटिंग करा दुनिया को दिखाना आदि अनेक उदाहरण है जो बीमारी केवल और केवल हिन्दू समाज को ही लगी है* *हिंदू संस्कृति का जितना नुकसान स्वयं हमने किया है, उसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते है. अफसोस, क्या हम अपने घर परिवार के कोई भी आयोजन में जस मंडली, भजन मंडली, फाग मंडली, महिला मंडली, संस्कृत स्तोत्र उच्चारण करने वाले विद्वानों तथा लोकल व पारंपरिक वाद्य यंत्रों वाले कलाकारों को नही बुला सकते ?????????* *जब देश के सबसे बड़े अमीर, अम्बानी अपने बेटे की शादी करते है तो देवी स्तोत्र, देवता आदि की स्तुति में सम्पन्न करते हैं. फिर आप और हम क्यों नहीं ?????* 🙏🙏🙏🙏🙏❤️ से सोचो

Comments (10)

Radhe Radhe
Sep 19, 2025
💅🌹🌹 गुड आफ्टरनून शुभ दोपहर *_*जी भाई जी*_*।।👌👌 अति सुंदर वेरी नाइस पोस्ट जी।। ््््््ॐ 🌹🌹💅

Radhe Radhe
Sep 19, 2025
🌿🧬 अति सुंदर वेरी नाइस पोस्ट प्रस्तुति*_* के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद् ।।जी भाई जी।। ््््््ॐ।।🌿🧬

Rama Devi Sahu
Sep 19, 2025
Bahut hi Sundar Post 👌👌 Dhanyawad 🙏

Rama Devi Sahu
Sep 19, 2025
Sahi Kaha ✅👍 Kya kare.... Logo ko Samjhe ne me Bahut Muskil Ho Gaya...!!! Yadi Hame Sudharne tho Duniya Sudharega... Sab kuch Apni upar Nirvar karta hai...!

Saumya Sharma
Sep 19, 2025
बहुत ही सही, और सार्थक प्रयास के लिए मैं आपकी सराहना करती हूं और धन्यवाद देती हूं कि इस मुद्दे पर आपने बहुत ही उत्तम विचार रखे 🙏🌹☺️ हो सकता है कि कुछ लोग इससे सीख लें और अपने घर किसी आयोजन में कुछ धार्मिक अनुष्ठान भी कराएं, इतनी उत्तम पोस्ट के लिए धन्यवाद 🙏🌹☺️

