
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
51 days ago
वास्तुशास्त्र और सनातन परंपरा* के अनुसार उन 5 लोगों के बारे में बताया गया है जिनके पैर नहीं छूने चाहिए। *1. दामाद - ससुर के पैर ना छुएं* *कारण:* पौराणिक मान्यता है कि जब भगवान शिव ने क्रोध में दक्ष प्रजापति का शीश काटा था, तब से यह नियम चला आ रहा है। *भाव:* दामाद और ससुर का रिश्ता बराबरी और सम्मान का माना जाता है। इसमें झुककर चरण स्पर्श करना उचित नहीं माना जाता। *2. भांजा - मामा के पैर ना छुएं* *कारण:* कहा जाता है जब भगवान श्री कृष्ण ने अपने मामा कंस का उद्धार किया था, तब से यह परंपरा है। *भाव:* मामा का स्थान पिता के समान होता है, पर भांजे-मामा के बीच मित्रता और बराबरी का भाव रहता है। इसलिए पैर छूना वर्जित है। *3. कुंवारी कन्या के पैर ना छुएं* *कारण:* सनातन में कुंवारी कन्या को देवी दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि में कन्या पूजन भी इसी कारण होता है। *भाव:* देवी स्वरूप को प्रणाम किया जाता है, चरण स्पर्श नहीं। कन्या का सम्मान हाथ जोड़कर करना चाहिए। *4. सोए हुए या लेटे हुए व्यक्ति के पैर ना छुएं* *कारण:* हिंदू धर्म में मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार के समय ही उनके पैर छुए जाते हैं। *भाव:* सोते/लेटे हुए व्यक्ति को छेड़ना और उसके पैर छूना अशुभ माना जाता है। इससे आयु कम होने की भी मान्यता है। *5. मंदिर में किसी के पैर ना छुएं* *कारण:* मंदिर भगवान का घर है। वहां का सारा ध्यान और समर्पण केवल ईश्वर के लिए होना चाहिए। *भाव:* मंदिर में किसी व्यक्ति के पैर छूने से भगवान का अपमान होता है। वहां केवल भगवान को ही प्रणाम करें। *सार:* चरण स्पर्श का मतलब सिर्फ पैर छूना नहीं है। ये _विनम्रता, अनुशासन और मर्यादा_ सिखाता है। हर रिश्ते की अपनी सीमा और सम्मान का तरीका होता है। *। जय श्री राम ।।* 🚩

Comments (1)

सविता
Jul 10, 2026
Radhe radhe 🙏🌹
