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जय श्री राम! आज 31 मार्च 2026, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला सरकार के दिव्य दर्शन और प्रातः कालीन श्रृंगार आरती का आध्यात्मिक अनुभव अद्वितीय है। यद्यपि मैं साक्षात् मंदिर परिसर से सीधा प्रसारण परंपरा और विधि के अनुसार प्रभु के चरणों में आज की आरती का भावपूर्ण वर्णन निम्नलिखित है: अयोध्या धाम: श्री रामलला श्रृंगार आरती विवरण आज ब्रह्म मुहूर्त में प्रभु को जगाने के बाद, सरयू जल से अभिषेक किया गया और फिर उनका अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ। 1. आज का दिव्य श्रृंगार * वस्त्र: मंगलवार का दिन होने के कारण प्रभु ने आज लाल और सुनहरे रंग के रेशमी वस्त्र धारण किए हैं, जो उनकी आभा को और भी तेजस्वी बना रहे हैं। * आभूषण: स्वर्ण के किरीट (मुकुट), कुंडल, और हृदय पर कौस्तुभ मणि के साथ नवरत्न हार सुशोभित हैं। * पुष्प: ताजे गुलाब और गेंदे के पुष्पों की मालाओं से प्रभु का विग्रह महक रहा है। 2. आरती की झलकियाँ * वातावरण: मंदिर का गर्भगृह शंख ध्वनि, घंटों की गूँज और वेदमंत्रों के उच्चारण से गुंजायमान है। * आरती: मुख्य पुजारी जी द्वारा कपूर और घी के दीपकों से 'श्री रामलला' की आरती उतारी गई। भक्तों ने "भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला..." और "श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन..." का भावपूर्ण गान किया। दर्शन का पुण्य लाभ > "नील अम्भोज श्यामल कोमलांगम, सीता समारोपित वाम भागम। > पाणौ महासायक चारु चापम, नमामि रामं रघुवंश नाथम॥" > मंगल कामना: प्रभु श्री रामलला की आज की यह मंगल आरती आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए। अयोध्या की पावन माटी और प्रभु का आशीर्वाद आप पर सदा बना रहे। सियावर रामचंद्र की जय! पवनसुत हनुमान की जय!

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