
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
233 days ago
`सुंदरकांड सीरीज: भाग 7 -` `सफलता का श्रेय ईश्वर को` *चौपाई:* > "सो सब तव प्रताप रघुराई। नाथ न कछू मोरि प्रभुताई॥" अर्थ: ```जब श्री राम ने हनुमान जी की प्रशंसा की, तो उन्होंने बड़ी विनम्रता से कहा- "हे रघुनाथ जी! यह सब आपके प्रताप का फल है, इसमें मेरी कोई बड़ाई नहीं है।"``` जीवन सूत्र: ```कितनी भी बड़ी सफलता हासिल कर लें, लेकिन कभी अहंकार न करें। अपनी जीत का श्रेय अपने गुरु, माता-पिता और ईश्वर को देना ही असली महानता है।``` सियावर रामचंद्र की जय! 🙏

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