
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
226 days ago
आज जब ज़्यादातर शादियाँ दिखावे और भव्य आयोजनों तक सीमित हो गई हैं, तब शेखर शेजुल और ऋतुजा शिंदे ने यह साबित कर दिया कि सादगी ही असली समृद्धि है। परभणी निवासी और मूल रूप से आबेगांव (माजलगांव, बीड) के शेखर शेजुल और ऋतुजा शिंदे ने लातूर जिले के दत्त मंदिर में बेहद सादे और पारंपरिक तरीके से विवाह किया। इस शादी में सिर्फ 25 रिश्तेदार शामिल हुए। न डीजे, न पटाखे, न प्री-वेडिंग और न ही किसी तरह का फिज़ूलखर्च। शादी में बचाई गई राशि को समाज के काम में लगाने का फैसला दोनों परिवारों ने मिलकर लिया। कुल ₹10 लाख की राशि शेखर के मूल गांव की जिला परिषद प्राथमिक स्कूल को दान की गई, जिससे वहां बच्चों के लिए एक आधुनिक कंप्यूटर कक्ष बनाया जाएगा। MBA शिक्षित ऋतुजा शिंदे और उनके परिवार ने भी इस फैसले का पूरा समर्थन किया। यह शादी न सिर्फ एक समारोह थी, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की एक मिसाल भी है।

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