
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
112 days ago
10.5.2026 "आजकल व्यवहार में दिखावा अधिक है, और वास्तविकता कम।" ऐसा अधिकांश लोग अनुभव करते हैं। व्यक्ति का जीवन दोहरा हो गया है। उसके मन में कुछ और होता है, तथा वाणी में कुछ और। "संसार में झूठ छल कपट चालाकी धोखाधड़ी धड़ल्ले से चल रही है। इन सारे दुष्ट व्यवहारों में लोग अपनी स्वार्थ सिद्धि करने के लिए बहुत मीठी-मीठी भाषा बोलते हैं, जबकि उनके मन में ऐसी मिठास नहीं होती। मन में तो कपट भरा हुआ होता है। अवसर आते ही वे लोग इस तरह का व्यवहार कर देते हैं, जिससे दूसरे लोगों को बहुत झटका लगता है, बहुत दुख होता है। उन्हें बहुत आश्चर्य होता है, कि "इस व्यक्ति ने मेरे साथ ऐसा किया! इससे तो मुझे इस प्रकार के व्यवहार की आशा नहीं थी।" तब उन्हें बहुत कष्ट होता है। अतः सदा सावधान रहें। "दूसरे व्यक्ति की मीठी-मीठी बातें सुनकर बिना परीक्षा किए, उस पर तत्काल विश्वास न कर लें। क्योंकि हो सकता है, कि दूसरे व्यक्ति के मन में कपट हो, चालाकी हो, और ऊपर ऊपर से वह मीठी भाषा बोलता हो। वह स्वयं को आपका हितैषी दिखलाना चाहता हो।" *"उठना बैठना, लेना देना, अपने वचन को ठीक समय पर निभाना, उसकी भाषा के शब्दों और उसकी टोन का अध्ययन करना, चेहरे के लक्षणों और हाव भाव को ध्यान से देखना आदि आदि क्रियाओं का परीक्षण करने से व्यक्ति का पता चल जाता है, कि इसके मन में आपके प्रति कैसी भावना है?"* *"अतः परीक्षा करके ही दूसरों पर विश्वास करें। जो मन में भी आपका हित चाहता हो, उस व्यक्ति की बातों पर विश्वास करें।" "तभी आप दुखों से बच पाएंगे, और सुख पूर्वक अपना जीवन जी पाएंगे। अन्यथा दुखों से बचना कठिन है।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (1)

सविता
May 10, 2026
Radhe radhe 🙏🌹
