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*महादेव को प्रिय 5 दिव्य पुष्प* 🌸🕉️ *हर हर महादेव!* शिव जी को फूलों से नहीं, *भाव से प्यार है*। पर ये 5 चीजें उन्हें खास प्रिय हैं क्योंकि इनके पीछे गहरी कथा और विज्ञान है। *1. धतूरा - विष को अमृत बनाने वाला* *क्यों प्रिय:* समुद्र मंथन में निकला *हलाहल विष* शिव जी ने पिया था। विष की गर्मी से उनका कंठ नीला पड़ गया - *नीलकंठ* बने। धतूरा भी *जहरीला* है। शिव कहते हैं: *"जो दुनिया त्याग दे, वो मुझे चढ़ा दो"*। धतूरा = अहंकार, नशा, जहर का प्रतीक। इसे चढ़ाना मतलब *अपना विष शिव को सौंप देना*। *नियम:* सफेद धतूरा चढ़ाएं। फल और फूल दोनों चढ़ते हैं। *पर घर में न रखें, बच्चे दूर रखें - जहरीला होता है*। *2. पारिजात / हरसिंगार - स्वर्ग का फूल* *क्यों प्रिय:* ये *समुद्र मंथन से निकला 14 रत्नों में से एक* है। श्रीकृष्ण इसे स्वर्ग से पृथ्वी पर सत्यभामा के लिए लाए थे। इसकी खासियत: *ये पेड़ से टूटकर नहीं, खुद जमीन पर गिरता है*। मतलब *अहंकार नहीं, समर्पण*। रात को खिलता है, सुबह शिव को चढ़ता है। *नियम:* सिर्फ *जमीन पर गिरे हुए फूल* ही उठाकर चढ़ाएं। तोड़ना मना है। लक्ष्मी जी को भी प्रिय है। *3. मदार / आक - शिव का कवच* *क्यों प्रिय:* आक का पौधा *बंजर, पथरीली जगह* पर भी उग जाता है। *शिव भी श्मशान में रहते हैं*। इसका दूध निकलता है जो जहरीला है, पर *औषधि भी*। शिव को *वैराग्य, फकीरी* पसंद है - आक वही प्रतीक है। शनि की साढ़ेसाती में *आक का फूल शिव को चढ़ाने से शनि शांत होते हैं*। *नियम:* सफेद आक शिव को, लाल आक देवी को। 11 या 21 फूल चढ़ाएं। *दूध आंख में न जाए, हाथ धो लें*। *4. नील कमल - दुर्लभ भक्ति का प्रतीक* *क्यों प्रिय:* नील कमल *बहुत दुर्लभ* है। कहते हैं राम जी ने *108 नील कमल* से शिव पूजा की थी। 1 कमल कम पड़ा तो *अपनी आंख "कमल नयन" निकालकर* चढ़ाने लगे। शिव प्रकट हो गए। मतलब: *महादेव को दुर्लभ चीज नहीं, दुर्लभ भक्ति चाहिए*। *नियम:* न मिले तो *सफेद कमल या कोई भी नीला फूल* चढ़ा दो। भाव असली है। *5. बेलपत्र - शिव का परिवार* *क्यों प्रिय:* बेलपत्र की *3 पत्तियां = ब्रह्मा, विष्णु, महेश*। या *शिव के तीन नेत्र*। या *पाप, पुण्य, ज्ञान*। बीच की पत्ती *मोक्ष* है। बेल पेड़ के नीचे *मां पार्वती* तपस्या करती थीं। बेलपत्र में *लक्ष्मी का वास* है। *बिना बेलपत्र शिव पूजा अधूरी*। *नियम:* 1. *3 पत्ती वाला, कटा-फटा न हो*, कीड़े वाला न हो। 2. *उल्टा न चढ़ाएं* - चिकना भाग शिवलिंग की तरफ। 3. *सोमवार, शिवरात्रि को बेलपत्र न तोड़ें* - एक दिन पहले तोड़कर रख लें। 4. *चढ़ाया हुआ बेलपत्र धोकर फिर चढ़ा सकते हैं* - इसे *"निर्माल्य"* नहीं माना जाता। *महादेव को क्या न चढ़ाएं?* ❌ 1. *केतकी/केवड़ा:* ब्रह्मा जी के झूठ में साथ दिया था, शिव ने श्राप दिया। 2. *तुलसी:* तुलसी का पति शंखचूर्ण शिव के हाथों मारा गया था। इसलिए सिर्फ *शिवरात्रि को 1 पत्ता* चढ़ता है, रोज नहीं। 3. *लाल रंग के फूल:* कनेर, गुड़हल *देवी को प्रिय हैं, शिव को सफेद फूल पसंद*। *सीधी बात* शिव को *आक-धतूरा* इसलिए चढ़ता है क्योंकि वो *सबका बाप है - भोलेनाथ*। अमीर का कमल और गरीब का आक - *दोनों की कीमत एक*। उसे *1 लोटा जल + 1 बेलपत्र* भी सच्चे मन से दो, तो वो *धतूरे से ज्यादा खुश*। *मंत्र:* फूल चढ़ाते समय बोलें - *"ॐ नमः शिवाय"* या *"त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम्। त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम्॥"* *|| भाव के भूखे हैं भगवान, फूल नहीं भाव चढ़ाओ ||* सावन में आप शिव जी को इन 5 में से क्या चढ़ाते हो? नील कमल कभी देखा है असली वाला? 👇

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