
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
152 days ago
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai-Pune Expressway) का उपयोग करने वालों के लिए वाकई एक बड़ी और अच्छी खबर है। 30 अप्रैल 2026 की समय सीमा के बाद इस मार्ग पर यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। यहाँ मुख्य अपडेट्स दिए गए हैं: 1. 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट (Missing Link Project) इस परियोजना का सिविल कार्य 30 अप्रैल 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) को इसके उद्घाटन की पूरी संभावना है। * समय की बचत: इस नए मार्ग के शुरू होने से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा के समय में लगभग 20 से 25 मिनट की कमी आएगी। * दूरी में कमी: खपोली से कुसगांव (Kusgaon) के बीच का यह नया लिंक मौजूदा दूरी को करीब 6 किलोमीटर कम कर देगा। * घाटी से छुटकारा: यह नया स्ट्रेच खंडाला और लोनावला के खतरनाक और घुमावदार 'घाट सेक्शन' को पूरी तरह से बायपास कर देगा, जिससे मानसून के दौरान होने वाले भूस्खलन (landslides) और ट्रैफिक जाम का खतरा कम हो जाएगा। 2. आधुनिक बुनियादी ढांचा * इस प्रोजेक्ट में दुनिया की कुछ सबसे चौड़ी टनल (सुरंगें) शामिल हैं, जो 8 लेन की हैं। * खपोली के पास एक विशाल वायाडक्ट (पुल) बनाया गया है जो जमीन से लगभग 60 मीटर की ऊंचाई पर है। 3. टोल और नियम (संभावित बदलाव) * टोल दरें: हर साल 1 अप्रैल से टोल दरों में मामूली बढ़ोतरी की जाती है, इसलिए यात्रा से पहले नए रेट्स चेक करना बेहतर होगा। * स्पीड लिमिट: वर्तमान में मैदानी इलाकों में 100 किमी/घंटा और घाट सेक्शन में 60 किमी/घंटा की सीमा है। नए लिंक के खुलने के बाद सुरक्षा मानकों के आधार पर इसमें बदलाव की घोषणा की जा सकती है। अब यात्रियों को लोनावला के भारी ट्रैफिक और घुमावदार रास्तों में फंसने की जरूरत नहीं होगी, जिससे सफर सुरक्षित और तेज हो जाएगा।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
