
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
193 days ago
18.2.2026 *"जब व्यक्ति अपने कार्य में विशेष रूप से सफल हो जाता है, तो कभी-कभी उसका मंच पर भी सम्मान किया जाता है।"* यदि सफलता सामान्य स्तर की हो, तो उसकी चर्चा आपस में दो-चार लोग ही करते हैं। *"परंतु जब कोई व्यक्ति असफल हो जाता है, तब भरे बाजार में लोग उसकी चर्चा करते हैं। उस पर तीखी टिप्पणियां करते हैं। उसे सबके सामने अपमानित होना पड़ता है। एक प्रकार से भरे बाजार में उसे जनता के थप्पड़ खाने पड़ते हैं।"* *"अतः असफलता से बचें। ताकि भरे बाजार में आपको सबके सामने अपमानित न होना पड़े।" "पूरा पुरुषार्थ करें। सफलता आपके कदम चूमे। आपको 2/4 लोग ही सही, परंतु सम्मानित करें, अपमानित नहीं।"* *"और यदि आपको उच्च स्तर की सफलता मिल गई, तो हो सकता है, किसी मंच पर भी आपको समाज के लोग सम्मानित करें। ऐसा ही जीवन उत्तम कहलाता है।"* ---- "स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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