MyMandirInstall

*||🌿जयश्री राधेकृष्ण 🌿||* महाभारत की शुरुआत युद्ध से नहीं होती। महाभारत की शुरुआत विचार से होती है। संजय ने युद्धभूमि का दृश्य बताया और धृतराष्ट्र ने पहला प्रश्न पूछा — “मेरे पुत्र और पांडु के पुत्र धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे में क्या कर रहे हैं?” यहीं से महाभारत शुरू हो जाती है। ध्यान दीजिए —धृतराष्ट्र यह नहीं पूछते कि “हमारे सभी 105 पुत्र कहाँ खड़े हैं?” वह कहते हैं —मेरे पुत्र और पांडु के पुत्र …….. यहीं ‘मैं’ और ‘तुम’ खड़ा हो जाता है। यहीं ‘मेरा’ और ‘तेरा’ जन्म लेता है। और यहीं से युद्ध शुरू हो जाता है। अगर धृतराष्ट्र कहते —“संजय, मेरे सभी 105 पुत्र कहाँ खड़े हैं? उनकी ताक़त क्या है? उनकी कमजोरी क्या है?” तो शायद युद्ध टल जाता। लेकिन नहीं। जब हम किसी को ‘मेरा’ और किसी को ‘दूसरा’ बना देते हैं, तो फिर महाभारत निश्चित हो जाती है। घर में हम कहते हैं — ये मेरा बेटा है, ये बहू मेरी नहीं है। पति-पत्नी में —तुम मेरे हो या मेरे खिलाफ? ऑफिस में —ये मेरी टीम है, वो दूसरी टीम है। संस्था में —ये मेरे लोग हैं, ये बाहर के लोग हैं। यहीं से घर कुरुक्षेत्र बन जाता है। यहीं से ऑफिस युद्धभूमि बन जाता है। जब भी हम कहते हैं —“ये मेरे हैं, ये मेरे नहीं हैं” वहीं से जीवन का महाभारत शुरू हो जाता है। समस्या बाहर नहीं है। समस्या ‘मैं’ में है। जब तक जीवन मैं और तुम की यात्रा है, तब तक संघर्ष तय है। धृतराष्ट्र अंधे थे। पर असली अंधापन आँखों का नहीं था, विचारों का था। जब हम अपने और पराए में भेद करते हैं, तो हम भी धृतराष्ट्र बन जाते हैं। और जब हम सबको अपना मान लेते हैं, तो कृष्ण हमारे जीवन में प्रवेश करते हैं। आज घर में अगर तनाव है-तो देखिए, कहीं आपने किसी को “पराया” तो नहीं बना दिया? आज ऑफिस में युद्ध है — तो पूछिए, क्या आपने “मेरी टीम” और “उनकी टीम” बना ली है? आज रिश्तों में कड़वाहट है — तो देखिए, कहीं आपने “मैं सही हूँ” को “हम साथ हैं” से ऊपर तो नहीं रखा । महाभारत हथियारों से नहीं, विचारों से शुरू होती है और समाधान भी वहीं से शुरू होता है। जब ‘मेरा-तेरा’ मिटता है, तभी ‘हम’ जन्म लेता है। और यही पूरी जीवन-यात्रा है-“मैं से हम” की यात्रा। * यही गीता का संदेश है, यही जीवन का समाधान है.... *स्वस्थ व प्रसन्न रहिए, आप सभी को शुभरात्रि ...💐* 🕉️ *जयश्री राधेकृष्ण*

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!