
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
96 days ago
*🌹कैसे तय होते हैं नौतपा के 9 दिन, क्या है इनकी पहचान करने का तरीका?🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *🌞मई का महीना शुरू होते ही नौतपा के 9 दिन गर्मी को चरम सीमा पर पहुंचा देते हैं. आइए जानते हैं कैसे होती है इन नौ दिनों की पहचान.* *जैसे ही मई का महीना शुरू हो जाता है पूरे भारत में मौसम की चर्चाओं में एक शब्द बार-बार सुनाई देने लगता है. यह शब्द है नौतपा. इस दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है, लू की लहरें तेज हो जाती हैं और लू के नाम से जानी जाने वाली गर्म हवाएं देश के कई उत्तरी और मध्य हिस्सों में चलने लगती हैं. इसे साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है. इस दौरान सूरज की तपिश अपने चरम पर मानी जाती है. इसी बीच आइए जानते हैं कि कैसे तय होते हैं नौतपा के 9 दिन और इसकी पहचान कैसे की जाती है.* *☀️नौतपा कब शुरू होता है?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* हर साल नौतपा आमतौर पर 25 मई से 2 जून के बीच पड़ता है. हालांकि खगोलीय गणनाओं के आधार पर इसका सटीक समय थोड़ा बहुत बदल सकता है. पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक सूरज अपनी वार्षिक रफ्तार के दौरान 27 अलग-अलग नक्षत्रों या फिर चंद्र मंडलों से होकर गुजरता है. जब वह रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब इस अवधि के पहले 9 दिनों को सबसे गर्म और सबसे तीव्र माना जाता है. *☀️पहले नौ दिनों को इतना तीव्र क्यों माना जाता है?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* ज्योतिषीय गणनाओं से यह पता चलता है कि रोहिणी नक्षत्र के अंदर अपनी रफ्तार के शुरुआती 9 अंशों के दौरान सूरज की तपिश सबसे ज्यादा तीव्र हो जाती है. रोहिणी को पारंपरिक रूप से शीतलता और उर्वरता से जोड़ा जाता है जबकि सूरज अग्नि और ऊष्मा का प्रतीक है. ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक जब सूरज रोहिणी में प्रवेश करता है तब इस मेल-जोल की वजह से पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ जाता है. *☀️नौतपा के पीछे वैज्ञानिक कारण* *___________________________* इस अवधि के दौरान सूरज की किरणें उत्तरी गोलार्ध के बड़े हिस्सों पर काफी ज्यादा सीधे पड़ती हैं. जैसे-जैसे सौर विकिरण बढ़ता है जमीन की सतह काफी ज्यादा गर्मी सोखती है और उसे अपने अंदर बनाए रखती है. इस वजह से मैदानी और शहरी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ जाता है. *☀️क्या है नौतपा की पहचान?* *___________________________* नौतपा के सबसे साफ संकेतों में से एक है गर्म हवाओं और दिन के समय के काफी ज्यादा तापमान में अचानक वृद्धि. सुबह लगभग 9:00 या फिर 10:00 के आसपास कई उत्तरी राज्यों में सूखी और झुलसा देने वाली हवाएं चलने लगती हैं. दोपहर के समय तापमान अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है और कुछ जगहों पर तो यह 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है. *☀️लू हो जाती है खतरनाक* *___________________________* नौतपा के दौरान मौसम की स्थितियों को खासतौर से खतरनाक माना जाता है क्योंकि इस समय दिन और रात दोनों का तापमान काफी ऊंचा बना रहता है. गर्मी के सामान्य दिनों के उलट जब शाम को कुछ राहत मिलती है नौतपा के दौरान सूरज डूबने के बाद भी वातावरण अक्सर गर्म ही बना रहता है. *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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