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जय माता दी! 🙏 शुभ प्रभात जी! 🙏 नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप **स्कंदमाता** की पूजा की जाती है। इन्हें 'स्कंदमाता' कहे जाने के पीछे पौराणिक कथा और उनका विशिष्ट स्वरूप जुड़ा हुआ है: * **भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता:** भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र का नाम **कुमार कार्तिकेय** या **स्कंद** है। माता पार्वती अपने इन्हीं पुत्र 'स्कंद' को अपनी गोद में बिठाकर रखती हैं, इसलिए माता के इस स्वरूप को 'स्कंदमाता' कहा जाता है। * **संतान और विद्या की प्रदायिनी:** स्कंदमाता की गोद में बाल रूप में स्कंद (कार्तिकेय) जी विराजमान होते हैं। कार्तिकेय जी देव सेना के सेनापति हैं, और उन्हें वीरता, शक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। अपने भक्तों को संतान सुख और अज्ञान का नाश करने वाली शक्ति प्रदान करने के कारण इन्हें इस रूप में पूजा जाता है। * **कमल आसन और सिंह वाहिनी:** माता का यह स्वरूप अत्यंत शांत और कल्याणकारी है। कमल के पुष्प पर आसन होने के कारण इन्हें **पद्मासना देवी** भी कहा जाता है और इनका वाहन सिंह (शेर) है। माता स्कंदमाता की कृपा से भक्तों को अलौकिक तेज, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आपके लिए यह दिन मंगलमय और आनंददायक हो! 🙏

Comments (2)

Savita om namah shivay 🙏🌹

Savita om namah shivay 🙏🌹

Oct 15, 2026

माँ स्कंदमाता का आशीर्वाद आपके जीवन से सभी कष्टों, अज्ञानता और दुखों को दूर करे, और आपको सुख-समृद्धि प्रदान करे। जय स्कंदमाता

Rahul Mishra

Rahul Mishra

Oct 15, 2026

jai mata di 🙏🌹♥️