
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
100 days ago
### श्री गुरु ग्रंथ साहिब: एक जीवित गुरु * **ऐतिहासिक घोषणा:** 1708 में नांदेड़ में गुरु गोबिंद सिंह जी ने "गुरु मान्यो ग्रंथ" की घोषणा की, जिसने मानवीय गुरुओं की परंपरा को समाप्त कर दिया और गुरु ग्रंथ साहिब को सदैव के लिए गुरु का दर्जा दिया। * **समावेशी संदेश:** इसमें केवल सिख गुरुओं की ही नहीं, बल्कि भक्त कबीर जी, मोची रविदास, मुस्लिम सूफी बाबा फरीद और राजा पीपा जी की वाणी भी शामिल है, जो उस समय के समाज में व्याप्त जातिवाद और छुआछूत के विरुद्ध एक आध्यात्मिक क्रांति थी। * **समानता का संदेश:** लंगर और पंगत की प्रथा ने राजा और गरीब को एक ही कतार में बिठाकर अहंकार तोड़ने और मानवता को जोड़ने का संदेश दिया। * **प्रकृति का सम्मान:** इसमें प्रकृति को भी गुरु के समान सम्मान दिया गया है।
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