
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
233 days ago
9.1.2026 *"ईंट पत्थर से नदी का पुल बनता है, जो लोगों को एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचा देता है। अर्थात लोगों को आपस में जोड़ने का काम करता है।"* *"और ईंट पत्थर से ही घर की दीवारें बनती हैं। जो कि परिवार के सदस्यों के बीच में बाधा उत्पन्न कर के उन्हें अलग करती हैं।"* हम सबको इस बात से शिक्षा लेनी चाहिए, कि *"हम पुल के समान बनकर, लोगों को एक दूसरे से जोड़ने का प्रयत्न करें। दीवारों के समान बनकर, आपस में लोगों को लड़ाई झगड़ा करवा कर एक दूसरे से अलग न करें।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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