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Rama Devi Sahu

323 days ago

कार्तिक का महीना पूजा-पाठ, धर्म-कर्म, ध्यान और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष होता है। कार्तिक का महीना चातुर्मास का आखिरी महीना होता है। इस माह में भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। भगवान हरि जिस दिन योगनिद्रा से जागते हैं उस दिन को देवोत्थान एकादशी या देवउठनी के नाम जाना जाता है। कार्तिक माह में भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा, गंगा स्नान और दीपदान का विशेष महत्व होता है। इस माह में स्नान और दान करने से शुभ फलों में कई गुने की बढ़ोतरी हो जाती है। वहीं ज्योतिषीय द्दष्टि से इस माह में सभी को प्रकाश देने वाले सूर्यदेव अपनी नीच राशि तुला में रहते हैं जिसके कारण वातावरण में प्रकाश का क्षय होता है और नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है, जिस कारण से इस माह में दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा में कमी आती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पुराणों के अनुसार इस माह में भगवान विष्णु नारायण रूप में जल में निवास करते हैं। इसलिए कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक नियमित सूर्योदय से पहले नदी या तालाब में स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।शास्त्रों के अनुसार जो मनुष्य कार्तिक मास में प्रतिदिन गीता का पाठ करता है उसे अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है।

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 12, 2025

🌹🌹 Suprabhat Jii 🌹🌹