
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
215 days ago
28.1.2026 प्रत्येक व्यक्ति चाहता है, कि मेरा जीवन अच्छा हो, उन्नत हो, सुखमय हो। यदि आप भी ऐसा चाहते हों, तो इसका रहस्य यह है, कि *"अपने माता-पिता और गुरु, इन तीनों की उपेक्षा कभी न करें। इन तीनों से लड़ाई झगड़ा टकराव या इनका अपमान कभी न करें। अन्यथा आप अपने जीवन में असफल हो जाएंगे।"* *"इनका सदा सम्मान करें, आदर करें। विनम्रता एवं कृतज्ञतापूर्वक इनका उपकार मानें। और इनके वेदानुकूल निर्देशों का सदा पालन करें। क्योंकि ये ही तीन व्यक्ति हैं, जो सबसे अधिक आपका जीवन निर्माण करते हैं।"* *"यदि आप इन तीनों के वेदानुकूल निर्देशों का पालन करेंगे, तो गारंटी से आपका जीवन उत्तम एवं सुखमय होगा।"* *"और यदि इनकी उपेक्षा करके अपनी मनमानी से कार्य करेंगे, तो आपका विनाश होना निश्चित है। इसमें कोई भी संदेह नहीं है। विनाश अर्थात असफलता = जीवन दुखमय होना।"* *"यदि आप इन तीनों की उपेक्षा करके अपने जीवन में उदास निराश और दुखी होते हैं, तो इसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।"* *"अब आपके सामने दोनों रास्ते खुले हैं। चाहे तो इनका सम्मान करके अपने जीवन का निर्माण कर लें। और चाहे इनकी उपेक्षा करके और अपनी मनमानी करके अपने जीवन का विनाश कर लें। जो रास्ता आपको अच्छा लगे, उस पर चलें।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
