
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
2 days ago
**श्री नीम करोली बाबा चालीसा** **दोहा** श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुपति बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ नीम करोली धाम के, स्वामी दीनदयाल। कृपा करहु महराज प्रभु, हरहु भक्त जंजाल॥ **चौपाई** जय जय जय नीब करौरी राया। अतुलित महिमा अमित तुम्हारी माया॥ संत शिरोमणि संकटहारी। संकट मोचन रूप अवतारी॥ अकबरपुर मंहि जन्म लीन्हो। जग को पावन निर्मल कीन्हो॥ लक्ष्मीनारायण शुभ नामा। बालपने प्रगटित निष्कामा॥ गृह तजि साधु संग चित जोरा। राम नाम मुख निसिदिन रौरा॥ भटके जन को राह दिखाई। नीब करौरी लीला गाई॥ ट्रेन रोकि प्रभु कौतुक कीन्हा। टिकटहीन पर दया सुदीन्हा॥ बाबा नाम नीम करौरी। जग मंहि फैली कीरति भोरी॥ कैंची धाम रचित सुखदाई। क्षिप्रा तट पावन छवि छाई॥ जो जन आवत शीश नवावत। मनवांछित फल सो जन पावत॥ कंबल ओढ़े सहज विराजे। मुख मण्डल पर तेज बिराजे॥ अद्भुत लीला अगम अपारा। पार न पावे संसारा॥ दीन दुखी को भोजन दीन्हा। भूखे जन को तृप्त सुकीन्हा॥ प्रेम भाव से जो फल ल्यावे। अमृत जानि भोग प्रभु पावे॥ हनुमान जी के अंशावतारी। भक्त जनों के काज सँवारी॥ दूर देश से आस्तिक आए। बाबा चरन मगन मन ध्याए॥ एप्पल, गूगल महिमा जानी। शीश झुकाए जग कल्याणी॥ सब पर कृपा समान बहाई। भेद-भाव नहिं कहुं जनाई॥ राम नाम की अमृत धारा। निसिदिन बरसे अपरम्पारा॥ बाबा के जो चरन गहावे। सो सुख संपति आनंद पावे॥ रोग दोष अरु कष्ट मिटावै। जो जन बाबा को ध्यावै॥ भूत पिशाच निकट नहिं आवै। बाबा नाम जो फेरत जावै॥ अंधकार मन का कट जावे। ज्ञान ज्योति हिय मंहि उपजावे॥ कठिन राह भी सरल बनावे। बिगड़े काम तुरंत सधावे॥ शरणागत की लाज बचाई। विपदा में प्रभु होत सहाई॥ भक्ति दान मोहे दीजै स्वामी। जानत सब घट अंतरयामी॥ नहिं जप तप नहिं पूजा जानूं। केवल बाबा तुमको मानूं॥ कृपा दृष्टि मोहि पर कर दीजै। भवसागर से पार करीजै॥ **दोहा** पवन तनय बल बुद्धि निधि, नीब करौरी रूप। कल्याणहिं जग को करन, आए संत अनूप॥ नित प्रति जो चालीसा गावै। प्रेम सहित हिय ध्यान लगावै॥ नीम करोली कृपा पावै। सकल अमंगल दूर नसावै॥
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