MyMandirInstall

सर्व पितृ अमावस्या (जिसे महालया भी कहा जाता है) पितृ पक्ष का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन उन सभी पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है जिनकी तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनकी मृत्यु किसी भी कारणवश अमावस्या, पूर्णिमा या चतुर्दशी तिथि को हुई हो। इस पावन दिन पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (क्या करें और क्या न करें), इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है: ### **क्या करें (What to Do)** * **तर्पण और पिंडदान:** योग्य ब्राह्मण या पुरोहित की सहायता से अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करें। * **ब्रह्म भोजन और दान:** इस दिन ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन कराएं। सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, जूते-चप्पल और अपनी क्षमता के अनुसार दान (विशेषकर गरीबों और जरूरतमंदों को) अवश्य दें। * **पंचबलि कर्म:** भोजन तैयार करने से पहले गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और देवताओं के लिए भोजन का हिस्सा (पंचबलि) अवश्य निकालें। माना जाता है कि इन जीवों के माध्यम से भोजन पितरों तक पहुंचता है। * **पीपल की पूजा:** इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ के पास जल, दूध, पुष्प, अक्षत और काले तिल चढ़ाएं तथा दीपक जलाएं। * **गीता पाठ व ध्यान:** अपने पितरों की आत्मा की शांति और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें या 'ॐ पितृभ्यो नमः' मंत्र का जाप करें। ### **क्या न करें (What Not to Do)** * **नकारात्मकता से बचें:** इस दिन घर में किसी भी प्रकार का क्लेश, वाद-विवाद या नकारात्मक माहौल न बनने दें। परिवार में शांति और सद्भाव बनाए रखें। * **तामसिक भोजन व नशा:** इस दिन पूरी तरह सात्विक रहें। मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी न करें। * **नया सामान न खरीदें:** ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष और विशेषकर सर्व पितृ अमावस्या के दिन नए वस्त्र, आभूषण, वाहन या संपत्ति की खरीदारी करने से बचना चाहिए। अपना पूरा ध्यान केवल पितरों के स्मरण और पूजन पर रखें। * **बाल और नाखून काटना:** इस अवधि में या इस दिन बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचना चाहिए। * **अतिथियों का अनादर:** यदि इस दिन कोई जरूरतमंद या अतिथि आपके द्वार पर आ जाए, तो उसे खाली हाथ न लौटाएं। अपनी सामर्थ्य के अनुसार उसे भोजन या अन्न का दान जरूर दें। > **विशेष नोट:** सर्व पितृ अमावस्या के दिन सच्चे मन से अपने पूर्वजों को याद कर क्षमा मांगें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहती है। >

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!