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जय श्री राम! जय हनुमान! आज **मंगलवार, 21 अप्रैल 2026** के इस पावन अवसर पर, सिद्धपीठ **हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम** से प्रभु श्री हनुमान जी महाराज की दिव्य आरती और मंगल गान का स्मरण करना ही परम कल्याणकारी है। हनुमानगढ़ी वह स्थान है जहाँ पवनपुत्र स्वयं अयोध्या के रक्षक के रूप में विराजमान हैं। आज के दिन प्रभु का दर्शन और उनकी आरती का भाव नीचे दिया गया है: ## 🚩 श्री हनुमान जी महाराज की आरती 🚩 **आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥** **जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥** **अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥** **दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥** **लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥** **लंका जारि असुर संहारे। सियाराम जी के काज सवारे॥** **लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि सजीवन प्राण उबारे॥** **पैठि पाताल तोरि जम कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥** **बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे॥** **सुर नर मुनि आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥** **कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥** **जो हनुमान जी की आरती गावे। बसि बैकुंठ परम पद पावे॥** ### 🌸 आज का विशेष महत्व 🌸 * **मंगलवार का दिन:** यह दिन श्री हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। आज के दिन हनुमानगढ़ी में दर्शन करने से सभी मंगल दोषों का निवारण होता है और साहस की प्राप्ति होती है। * **अयोध्या धाम का वैभव:** श्री राम जन्मभूमि मंदिर के सानिध्य में हनुमानगढ़ी की दिव्यता आज के दिन देखते ही बनती है। > **"अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।** > **सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥"** > भगवान श्री हनुमान जी महाराज आप पर और आपके परिवार पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें। **॥ सियावर रामचंद्र की जय ॥** **॥ पवनसुत हनुमान की जय ॥**

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