
SHREE SHARMA
273 days ago
पंचमुखी हनुमान कवच में जिस “मुख-रूप” का उल्लेख मुख्य श्लोकों में मिलता है, वे पाँच रूप निम्नलिखित हैं: पंचमुखी हनुमान के पाँच मुख पूर्वमुख — हनुमान (मुख्य वायु–तत्व, रक्षा और शक्ति) दक्षिणमुख — नरसिंह (भय, बाधा और दुष्ट शक्तियों का नाश) पश्चिममुख — गरुड़ (नाग दोष, विष, अदृश्य बाधाओं से रक्षा) उत्तरमुख — वराह (स्थिरता, भूमि-संबंधी लाभ और संरक्षण) ऊर्ध्वमुख — हयग्रीव (बुद्धि, विद्या और दिव्य तेज) सार पंचमुखी हनुमान कवच के मुख्य श्लोकों में इन्हीं पाँच मुखों का वर्णन मिलता है— हनुमान, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव।

Comments (7)

Riya Riya 💖💖
Dec 2, 2025
Jai Shree Ram 🚩 🙏 Jai Hanuman 🙏🙏🌹

Saumya Sharma
Nov 30, 2025
नवंबर माह के अंतिम रविवार की सप्रेम राम राम भाई जी 🙏🌹☺️ भगवान भास्कर आपके जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और प्रगति प्रदान करें 🙏🌹☺️ आने वाला दिन आपके लिए शुभ व मंगलमय हो 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu
Nov 30, 2025
Shri Ram Bhakt Hanuman Ji ki Jai Ho 🙏 Shubha Sandhya Vandan 🙏🌹🪔🌹🙏

