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*दीपक की जली हुई बत्ती का उपाय - विस्तार से* 🪔 ये प्रवचन *पूज्यपाद जगद्गुरु श्री 1008 आचार्य श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज* ने दिया है। *1. समस्या क्या है?* महाराज जी कहते हैं कि हम पूजा में दीपक जलाते हैं, लेकिन बुझने के बाद उस बत्ती को कचरे में फेंक देते हैं। *क्योंकि*: दीपक की ज्योति में ही भगवान की शक्ति आती है। बत्ती "ज्योति का कारक" है। उसका अपमान करने से घर में बाधाएं और तकलीफ आती हैं। अगर बत्ती हफ्तों तक दीपक में पड़ी रहकर हरी हो जाए तो उस घर की "हरियाली/समृद्धि" सूख जाती है। *2. शास्त्र सम्मत समाधान / उपाय* *Step 1: बत्ती इकट्ठा करना* 1. हफ्ते भर की यानी *रविवार से शनिवार तक* की जली हुई बत्तियों को एक प्लास्टिक/कांच की डिब्बी में इकट्ठा करके रखें। 2. दीपक बुझते ही उसे धोकर साफ कर दें। गंदा-हरा दीपक न रखें। *Step 2: नजर/दोष उतारने का विधान* 1. *दिन*: हफ्ते बाद किसी भी दिन, परिवार के सभी लोग *पूर्व मुखी* बैठ जाएं। 2. *आप*: पश्चिम मुखी खड़े हो जाएं। 3. एक *धूपदानी/लोहे की कटोरी* लें। उसमें सारी इकट्ठी बत्तियां डाल दें। इन बत्तियों में पहले से ही घी-तेल लगा होता है। 4. अब उस धूपदानी को लेकर परिवार के हर सदस्य के ऊपर *3 बार एंटी-क्लॉकवाइज* और *3 बार क्लॉकवाइज* घुमाएं। इससे शरीर का नजर-दोष उतर जाएगा। 5. फिर घर की *दहलीज के बाहर* जाकर उन बत्तियों में कपूर डालकर जला दें। *3. इस उपाय से क्या लाभ होगा?* महाराज जी के अनुसार जब ये पवित्र बत्तियां जलती हैं तो: 1. *पूरे परिवार के शरीर के दोष* निकल जाते हैं 2. *नजर, टोना-टोटका* का प्रभाव खत्म हो जाता है 3. *घर की सभी बाधाएं दूर* हो जाती हैं 4. *प्रभु की दिव्य शक्ति* से घर शुद्ध होता है महाराज जी कहते हैं लोग नमक-नींबू से नजर उतारते हैं, लेकिन शास्त्र में सबसे बढ़िया विधान यही है कि "जिस बत्ती से प्रभु को शक्ति मिली, उसी से नजर उतारकर उसे अग्नि को समर्पित कर दो"। *4. 3 जरूरी बातें ध्यान रखें* 1. *अपमान न करें*: बत्ती को कभी कचरे में या इधर-उधर न फेंकें 2. *सफाई रखें*: हरी पड़ी हुई बत्ती और दीपक घर में न रखें 3. *श्रद्धा से करें*: ये उपाय श्रद्धा और नियम से करने पर ही फल देता है *सार*: दीपक की बत्ती साधारण नहीं है। वो पूजा की ऊर्जा को समेटे हुए है। उसका सही उपयोग करने से घर में सुख-शांति और रक्षा बनी रहती है। जय गुरुदेव 🙏

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