
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
157 days ago
जय श्री राम 🙏 भगवान को अमनिया का भोग लगता है', अर्थात जिसे अभी किसी और ने नहीं खाया, जब भगवान आरोग लेते हैं तब उनके स्वीकार कर लेने के बाद वह प्रसाद हो जाता है, और भक्त तो केवल प्रसाद ही खाता है। अमनिया खाने का अधिकार भक्त को नहीं है। जब भरतजी ने दशरथजी का अंतिम संस्कार कर दिया तब गुरु वशिष्ठ जी ने कहा- "भरत ! राजा ने राजपद तुमको दिया है पिता का वचन तुम्हें सत्य करना चाहिये। राजा को वचन प्रिय थे, प्राण प्रिय नहीं थे, इसलिए पिता के वचनों को सत्य करो राजा की आज्ञा सिर चढ़ाकर पालन करो। जो अनुचित और उचित विचार छोड़कर पिता की आज्ञा का पालन करते हैं वे यहाँ सुख और सुयश और अंत में स्वर्ग में निवास करते हैं। इसलिए तुम राज्य करो। श्रीरामचन्द्र के लौट आने पर राज्य उन्हें सौप देना और उनकी सेवा करना।" सभी मंत्रियो ने, कौसल्या जी सभी ने भरतजी को समझाया। भरत जी कहते है-"गुरुदेव! आप कैसी धर्म भ्रष्ट करने वाली बात कह रहे हैं, मैं राज्य ले लूँ, फिर जब श्रीराम आये तो मैं राज्य उन्हें दे दूँ, इसका तो अर्थ यह हुआ कि पहले मैं भोग लूँ फिर अपना भोग हुआ, जूठा राज्य श्रीराम को दे दूँ। मेरा कल्याण तो सीतापति राम जी की चाकरी में है। भगवान को अमनिया का भोग लगता है भक्त तो प्रसाद पता है। भोगने वाले तो श्रीराम हैं, उनका भोग हुआ भोग लगाया हुआ ही केवल मै पा सकता हूँ

Comments (2)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Mar 26, 2026
जय सिया राम! 🙏 आपको और आपके पूरे परिवार को श्री रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएं। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का आशीर्वाद आप पर सदैव बना रहे और आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए। आज का दिन हमें धैर्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामनवमी का महत्व है > "रघुकुल रीत सदा चलि आई, प्राण जाहु बरु बचनु न जाई।" >जय श्री राम 🙏 शुभरात्रि जी 🙏

Rama Devi Sahu
Mar 26, 2026
आप सभी को राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, श्री राम जी कृपा हम सभी बनी रहे l 🚩 जय श्रीराम 🙏
