
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
33 days ago
29.7.2026 आजकल लोगों में जो व्यवहार देखा जाता है, उसमें अधिकतर नकली होता है। अर्थात *"अधिकांश लोगों के मन में कुछ और होता है, वाणी से वे कुछ और बोलते हैं, तथा शरीर से आचरण कुछ और ही करते हैं।" "ऐसे बहुत कम लोग देखने को मिलते हैं, जिनके मन में जो होता है, वैसी ही वाणी वे लोग बोलते हैं, और वैसा ही आचरण भी करते हैं।"* *"इस प्रकार से जहां-जहां नकली व्यवहार होता है, वहां वहां धोखा खाने की संभावना अधिक रहती है।" "और जहां असली व्यवहार होता है, वहां दूसरों पर विश्वास शांति तथा आनन्द होता है।"* *"यदि आप भी विश्वास पूर्वक शांति और आनन्द प्राप्त करना चाहते हों, तो दूसरे लोगों की पहचान करें। जो लोग असली व्यवहार करते हैं, उन्हीं के साथ संबंध रखें। उनके साथ आप भी सच्चा व्यवहार करें, तो ही आपको शांति और आनन्द मिलेगा, अन्यथा नहीं।"* *"नकली लोगों से बचकर रहें। उनसे थोड़ी दूरी बनाकर रखें। उनके साथ बस काम चलाऊ व्यवहार करें।" "और जो अधिक ही धोखा देते हों, उनसे तो दूर ही रहें, इसी में आपकी सुरक्षा है।"* *"गुरु पूर्णिमा पर्व पर आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। वैदिक शास्त्रों के विद्वान और वैदिक आचरण वाले सच्चे गुरुओं का सम्मान करें। उनके आदेश निर्देश का पालन करें और अपने जीवन को सुखी एवं सफल बनाएं।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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