
SHREE SHARMA
156 days ago
सुद्ध सच्चिदानंदमय, कंद भानुकुल केतु। चरित करत नर अनुहरत, संसृति सागर सेतु॥ शुद्ध (प्रकृतिजन्य त्रिगुणों से रहित, मायातीत दिव्य मंगल विग्रह), सच्चिदानंदकंदस्वरूप, सूर्यकुल के ध्वजा रूप भगवान् श्री राम मनुष्यों के समान ऐसे चरित्र करते हैं, जो संसार-सागर से तारने के लिए पुल के समान हैं अर्थात् उन चरित्रों को गाकर और सुनकर लोग भवसागर से सहज ही तर जाते हैं.. जय सियाराम 🙏

Comments (2)

R k jangid phulera Jaipur
May 28, 2026
जय श्री हरि विष्णु की 🙏

Savita om namah shivay 🙏🌹
May 28, 2026
Hari om 🙏🌹
