
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
23 hours ago
जय श्री कृष्णा! शुभ संध्या। **आज शाम का सुविचार** > **"दीपक इसलिए नहीं चमकता कि उसे प्रशंसा चाहिए, बल्कि इसलिए जलता है क्योंकि अंधकार मिटाना उसका स्वभाव है।"** > अपने कर्म और व्यवहार को प्रशंसा का मोहताज मत बनाइए; जब आपकी नीयत और स्वभाव में अच्छाई होगी, तो आपके जीवन की चमक अपने आप चारों ओर उजाला फैलाएगी। > **संध्या ज्ञान** * **मन को विश्राम दें:** जैसे ढलता हुआ सूरज पूरे दिन की तपन के बाद शांत हो जाता है, वैसे ही शाम का समय दिनभर की चिंताओं, उलझनों और मानसिक थकान को विदा करने के लिए होता है। * **वर्तमान का संतोष:** जो घट चुका है वह इतिहास है और जो आने वाला है वह रहस्य। इस संध्या वेला में स्वयं के साथ कुछ पल शांति से बैठें और जो कुछ भी आज ईश्वर ने दिया, उसके लिए कृतज्ञता व्यक्त करें। * **भीतरी प्रकाश:** बाहर का अंधेरा दिए की एक छोटी सी लौ से मिट जाता है; ठीक वैसे ही जीवन की निराशाओं को हटाने के लिए मन में सकारात्मकता और विश्वास की एक छोटी सी किरण ही काफी है। आपकी संध्या शांत, सुखद और मंगलमय हो!
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