
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
189 days ago
*📜 24 फरवरी 📜* *⚡ केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (आवकारी) दिवस (भारत) ⚡* •• केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत 'केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग' द्वारा देश भर में प्रतिवर्ष 24 फरवरी को मनाया जाता है। •• उद्देश्य : इसका लक्ष्य आम लोगों में उत्पाद शुल्क और सेवा शुल्क की अहमियत बताना है। •• यह दिवस 24 फरवरी, 1944 को केन्द्रीय उत्पाद शुल्क तथा नमक क़ानून लागू किए जाने के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस प्रत्येक वर्ष '24 फरवरी' को मनाया जाता है। आज ही के दिन वर्ष 1944 में केन्द्रीय उत्पाद शुल्क तथा नमक क़ानून बनाया गया था। देश के औद्योगिक विकास में केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इस विभाग ने करों का भुगतान आसान करने के लिए कर प्रणाली में सुधार किया और तकनीकों के प्रयोग को बढ़ाया। *>> औद्योगिक विकास में भूमिका >>* देश के औद्योगिक विकास में केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इस विभाग ने करों का भुगतान आसान करने के लिए कर प्रणाली में सुधार किया और तकनीकों के प्रयोग बढ़ाया। कोई भी राष्ट्र बिना किसी मजबूत अर्थव्यवस्था के प्रगति नहीं कर सकता। अर्थव्यवस्था मजबूत तभी हो सकती है, जब हम अपनी जिम्मेवारी राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए पूरी निष्ठा के साथ निभा पायें। चाहे वह राजनेता हो, शासकीय अधिकारी/कर्मचारी हो, चाहे वह आम आदमी क्यों न हो। हमारे देश का वित्तीय प्रबंध पूर्ण रूपेण जनता से वसूले जाने वाले विभिन्न करों पर निर्भर है। चाहे वह आय कर हो, विक्रय कर हो, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क हो, सीमा शुल्क हो आदि-आदि। केन्द्रीय उत्पाद शुल्क के बारे में आम जनता उतनी भिज्ञ नहीं है, क्योंकि यह अप्रत्यक्ष कर है। खेती करके उगाये गये पदार्थों को छोड़ कारखानों में निर्माण किये जा रहे प्रायः सभी वस्तुओं पर उत्पादन शुल्क लगता है, जिसकी शुरुआत 24 फरवरी, 1944 से हुई थी। अत: 24 फरवरी को केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस के रूप में मनाया जाता है। लगभग देश की समूची आमदनी का एक तिहाई हिस्सा उत्पादन शुल्क से प्राप्त होता है। 1994 से विभिन्न प्रकार की सेवाओं को भी कर योग्य सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है, जैसा कि सेवा प्रदाता द्वारा उन सेवाओं के एवज में बड़ी राशि चार्ज की जाती है। यह सेवा कर संग्रहण का दायित्व भी केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के पास ही है। यह विभाग केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन ही कार्य करता है। ➿➿➿➿➿➿➿➿➿➿➿

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