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20.7.2026 समस्याएं तो सबके जीवन में आती हैं। कोई जल्दी सुलझा लेता है, कोई देर में। कोई स्वयं सुलझा लेता है, कोई दूसरों की सहायता से। आखिर समस्याएं तो सुलझ ही जाती हैं। *"संसार में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका कि कोई समाधान न हो। लोग समाधान को जानते नहीं अथवा जानकर भी उस समस्या को सुलझाने के लिए पुरुषार्थ नहीं करते। यह उनकी कमी है।"* *"परंतु ऐसा नहीं है, कि समाधान न हो।" "क्योंकि संसार में ऐसा कोई ताला आज तक नहीं बना, जिसकी कोई चाबी न हो।" "अतः कोई भी समस्या तभी तक समस्या कहलाती है, जब तक कि उसका समाधान न मिल जाए।"* *"इसलिए पहले आप स्वयं समस्याओं का समाधान ढूंढें। यदि आप स्वयं न ढूंढ पाएं, तो दूसरे विद्वान बुद्धिमान लोगों की सहायता लें। कोई न कोई समाधान अवश्य मिलेगा।" "समस्याओं से घबराकर आत्महत्या कर लेना, यह कोई बुद्धिमत्ता नहीं है, और न ही यह उन समस्याओं का कोई समाधान है।" "यदि ऐसा किया, तो आगे ईश्वर इसका भारी दंड देगा। अतः समस्याओं का समाधान ढूंढकर उनको सुलझाने के लिए पूरा पुरुषार्थ करें। आपका जीवन सुखमय सरल एवं सफल हो जाएगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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